बेटी बचाओ अभियान के आदर्श बने दंपती

कोडरमा बाजार : एक तरफ जब लोग धनतेरस के मौके पर सोने-चांदी के जेवर से लेकर अन्य बेशकीमती चीजें खरीदने में मशगूल थे, वहीं दूसरी ओर जिले के मरकच्चो प्रखंड के दशारोखुर्द निवासी संतोष राणा व उनकी पत्नी सुनीता देवी ने एक अनोखा व बेशकीमती उपहार स्वरूप लक्ष्मी (नवजात बच्ची) को घर लाये. ऐसे में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 7, 2018 1:36 AM
कोडरमा बाजार : एक तरफ जब लोग धनतेरस के मौके पर सोने-चांदी के जेवर से लेकर अन्य बेशकीमती चीजें खरीदने में मशगूल थे, वहीं दूसरी ओर जिले के मरकच्चो प्रखंड के दशारोखुर्द निवासी संतोष राणा व उनकी पत्नी सुनीता देवी ने एक अनोखा व बेशकीमती उपहार स्वरूप लक्ष्मी (नवजात बच्ची) को घर लाये. ऐसे में बच्ची को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ गयी.
दंपती के इस प्रयास की हर जुबान से सराहना मिल रही है. लोगों ने कहा कि सरकार ने भले ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दे रखा है, परंतु इस नारे को हकीकत में बदलने का काम तो संतोष और उसकी पत्नी ने किया है. जानकारी के मुताबिक उक्त दंपती ने गिरिडीह जिले के घोड़थंभा अरखांगों निवासी सुनीता देवी (पति- संजय कुमार) की नवजात पुत्री को धनतेरस के दिन गोद लिया है.
बच्ची को गोद लेकर प्रशंसा का केंद्र बने उक्त दंपती ने बताया कि धनतेरस के दिन घर में बेटी आना साक्षात लक्ष्मी मां का घर में पधारने के समान है. विश्वकर्मा समाज के जिलाध्यक्ष सुभाष राणा ने यह जानकारी देते हुए उक्त दंपती को इसके लिए साधुवाद दिया है. संतोष राणा व सुनीता देवी को पहले से दो पुत्र 12 वर्ष व आठ वर्ष का है.