पदमा : सड़क किनारे गड्ढे में गाड़ा गया बच्चा निकला जिंदा

पदमा : जाको राखे साइयां मार सके न कोई कहावत सोमवार को उस समय चरितार्थ हो गया जब पदमा के चार माइल (एनएच 33) में सड़क किनारे गड्ढे में गाड़ा गया बच्चा जिंदा बाहर निकाला गया. बच्चे के दोनों हाथ और पैर रस्सी से बंधे थे. उस पर कफन भी पहनाया हुआ था. उसके हाथ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 31, 2017 7:54 AM
पदमा : जाको राखे साइयां मार सके न कोई कहावत सोमवार को उस समय चरितार्थ हो गया जब पदमा के चार माइल (एनएच 33) में सड़क किनारे गड्ढे में गाड़ा गया बच्चा जिंदा बाहर निकाला गया.
बच्चे के दोनों हाथ और पैर रस्सी से बंधे थे. उस पर कफन भी पहनाया हुआ था. उसके हाथ में स्लाइन चढ़ाने का कैंडुला भी लगा था. बच्चा बोलने की स्थिति में नहीं है. बहुत जोर देने पर टूटी-फूटी भाषा में उसने अपना नाम किशुन कुमार (पिता बीके प्रसाद) बताया है. किशुन की उम्र लगभग दस साल है. पुलिस बच्चे के बोलने का इंतजार कर रही है.
घटना लगभग दो बजे दिन की है. चार माइल के पास मोबाइल कंपनी का केबल बिछाने के लिए खोदे गये गड्ढा में बच्चा को दफना दिया गया था. सामने वन विभाग की जमीन पर काम कर रहे मजदूरों को जब बच्चे की रोने की आवाज सुनाई पड़ी तब मामला सामने आया. लोग जब आवाज आ रही जगह पर गये तो देखा कि गड्ढे के नीचे से रोने की आवाज आ रही है. गड्ढा खोद कर देखा गया तो बच्चा जिंदा था और रो रहा था. इसकी खबर अविलंब पदमा ओपी को दी गयी.