इसकी सूचना स्थानीय सहिया सरधा देवी को दी गयी. इसके बाद सहिया ने इसकी सूचना ममता वाहन संचालक को देकर वाहन व्यवस्था कराने को कहा. लेकिन संचालक द्वारा वाहन नहीं दिया गया. इसके बाद मजबूरन सिंह वाहिनी बस से बाजो देवी को उप स्वास्थ्य केंद्र सेरेगाड़ा लाया गया, जहां एएनएम द्वारा यह कह कर उसे बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया कि महिला का बीपी लो है.
परिजन व सहिया द्वारा एएनएम को वाहन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, लेकिन एएनएम ने इस पर कोई रुचि नहीं दिखायी. सेेरेगडा से बालूमाथ सवारी लेकर आ रहे सवारी वाहन में एएनएम ने बैठा दिया. इस बीच तसतबार के करीब पहुंचते महिला ने वाहन में ही बच्चे को जन्म दिया. वाहन चालक महिला को लेकर बालूमाथ अस्पताल पहुंचा, जहां कोई चिकित्सक नहीं होने से उसकी सूचना बालूमाथ बीडीओ को लोगों ने दी. बालूमाथ बीडीओ परवेज आलम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर अस्पताल के ऊपर अखबार पढ़ रहे डॉ पुरुषोत्तम कुमार को फटकार लगायी, तब जाकर डॉ पुरुषोत्तम ने महिला व बच्चे की जांच की.

