मनरेगा में लापरवाही बरते जाने पर तीन रोजगार सेवक से मांगा गया स्पष्टीकरण
आवास योजना के प्रखंड समन्वयक से स्पष्टीकरण, छह दिन का मानदेय काटने का निर्देश
बारियातू :उपविकास आयुक्त माध्वी मिश्रा ने गुरुवार को विकास कार्यों का जायजा लेने बारियातू प्रखंड पहुंची. उन्होंने प्रखंड कार्यालय स्थित सभागार में बीडीओ समेत अन्य कर्मियों के साथ बैठक कर पंचायतवार संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा की. डीडीसी ने ससमय गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया.
डीडीसी ने कहा कि सरकार व जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लाभकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है. कहा कि जरूरतमंदों को ही योजनाओं का लाभ दें. इसके संचालन में लापरवाही नहीं बरतें. ऐसा करनेवाले को किसी कीमत पर नहीं बख्शे जायेंगे. 2016-17 व 2017-18 से लंबित पड़े आवास की जानकारी मांगी.
कई आवास निर्माण कार्य की गति धीमी पायी गयी. योजना के प्रखंड समन्वयक शशि कुजूर द्वारा लापरवाही प्रतीत हुई. तत्काल अधिकारी ने बीडीओ संजय यादव को समन्वयक से स्पष्टीकरण पूछने व छह दिन का मानदेय काटने का निर्देश दिया. साथ ही 17 अगस्त तक हर हाल में लंबित आवास को पूरा करने की बात कही. जवाबदेही तय नहीं करने की स्थिति में स्पष्ट रूप से सेवा समाप्त करने की बात कही.
आवास कार्य में लापरवाही बरतने के कारण साल्वे पंचायत के स्वयंसेवक मनोज कुमार, अमरवाडीह पंचायत के शैलेश कुमार व बालूभांग पंचायत के लवलेश कुमार को तत्काल पदमुक्त करने की बात कही. मनरेगा योजना की समीक्षा के दौरान भी कई कमी पायी गयी. साल्वे, टोंटी व अमरवाडीह पंचायत में मनरेगा का कार्य काफी धीमा पाया गया. उक्त तीनों पंचायत के रोजगार सेवक से स्पष्टीकरण का निर्देश दिया. डीडीसी ने कहा कि मनरेगा सरकार की महत्वकांक्षी योजना है. यह गांव-टोलों में रोजगार सृजन कर पलायन रोकने में मददगार है.
मुखिया, पंचायत सेवक व रोजगार सेवक से पंचायत में बनायी गयी जलमीनार व एलइडी बल्व की रिपोर्ट जिले को सौंपने को कहा. बीडीओ को भी प्रखंड में संचालित योजनाओं को ससमय पूर्ण करने को लेकर कई दिशा-निर्देश दिये. मौके पर योजना पदाधिकारी उपेंद्र राम, आवास के जिला समन्वयक शिव प्रसाद यादव, जेइ मुनेश्वर उरांव, मो राशिद समेत सभी मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक व स्वयंसेवक मौजूद थे.
