चुआंड़ी खोद पानी निकाल रहे बहेराटांड़वासी

लातेहार : नगर पंचायत क्षेत्र का बहेराटांड़ मुहल्ला इन दिनों भीषण पेयजल की समस्या से जूझ रहा है. शहर की लाइफ लाइन माने जानीवाली औरंगा नदी के किनारे बसे इस मुहल्ले के लोगों को पीने के पानी के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है. तकरीबन एक हजार आबादी वाले इस मुहल्ले में मात्र तीन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
लातेहार : नगर पंचायत क्षेत्र का बहेराटांड़ मुहल्ला इन दिनों भीषण पेयजल की समस्या से जूझ रहा है. शहर की लाइफ लाइन माने जानीवाली औरंगा नदी के किनारे बसे इस मुहल्ले के लोगों को पीने के पानी के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है.
तकरीबन एक हजार आबादी वाले इस मुहल्ले में मात्र तीन चापानल हैं, जिसमें से दो खराब पड़े हैं. मुहल्ले के लोगों ने नगर पंचायत के पदधारियों से खराब पड़े चापानलों की मरम्मत कराने की मांग की है. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जिला प्रभारी मंत्री सह खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने बैठक कर जिले में खराब पड़े सभी चापानलों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था, लेकिन अभी तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने इस मुहल्ले की सुुध नहीं ली.
बहेराटांड़ में डोमन भुईयां के घर के पास, नदी के किनारे आंगनबाड़ी केंद्र के पास एवं भुईयां टोली में चापानल है. इसमें से केवल डोमन भुईयां के घर के पास लगा चापानल ठीक है. लेकिन इसमें भी कई बार हैंडल करने के बाद ही पानी निकलता है. डोमन भुईयां ने बताया कि भोर होते ही पानी लेने वालों की भीड़ लग जाती है. चापानल से काफी धीमी गति से पानी निकलता है.
बालेश्वर पासवान ने बताया कि लोगों के सामने पीने के पानी की समस्या सबसे बड़ी है. दैनिक नित्यक्रिया के लिए औरंगा नदी का सहारा लेना पड़ता है. लोग औरंगा नदी में चुआंड़ी खुद कर पानी निकलने की कोशिश करते हैं. लेकिन नदी का जल स्तर काफी नीचे चले जाने से कई जगहों पर चुआंड़ी खोदने के बाद पानी मिलता है. मुहल्ले के श्याम ठाकुर ने कहा कि अगर चापानल दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में पेयजल की भीषण समस्या हो जायेगी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >