पानी ढोने में ही गुजरती है रात

कुडू (लोहरदगा) : गरमी चरम पर है और पानी पाताल पहुंच गया है. जल स्नेत जवाब देने लगे हैं नदी, तालाब, बांध, कुएं लगभग सूख गये हैं. पानी के लिए सुबह से लेकर देर रात तक मारामारी चल रही है. ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मच गया है.... लोग […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 16, 2013 1:42 PM

कुडू (लोहरदगा) : गरमी चरम पर है और पानी पाताल पहुंच गया है. जल स्नेत जवाब देने लगे हैं नदी, तालाब, बांध, कुएं लगभग सूख गये हैं. पानी के लिए सुबह से लेकर देर रात तक मारामारी चल रही है. ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मच गया है.

लोग रात भर टेंपो, ठेला से पानी ढोते हैं, ताकि अगले दिन पानी के लिए परिवार को दिक्कत न हो. मंगलवार को कुडू शहरी क्षेत्र में देर रात्रि 10 बजे तक लोगों का चापानल, डीप बोरिंग में जमघट लगा रहा. यह स्थिति रोज की है. शाम होने के बाद ही लोग पानी के लिए भटकने लगते हैं.

चापानल पर लगा रहता है जमघट

ब्लॉक मोड़ स्थित खेल मैदान के समीप लगे चापानल में देर रात्रि 10 बजे पानी लेने वालों का जमघट लगा रहता है. पानी के लिए तू-तू-मैं-मैं भी होती रहती है.

मंगलवार की रात भी निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप हुए डीप बोरिंग से रात्रि 10.15 बजे टेंपो में लोग पानी ले रहे थे. पूछने पर महिला ने बताया कि इतने पानी में दिन भर काम चल जायेगा. इसके बाद फिर ले जायेंगे. इंदिरा गांधी चौक के आसपास स्थित चापानल में भी जमघट लगी रहती है.
– अमित राज –