घर में शौचालय बनाया तो मिलेगा सर्टिफिकेट

उपायुक्त की नयी पहल लोहरदगा़ : उपायुक्त डॉ भुवनेश प्रताप सिंह ने लोहरदगा जिला को खुले में शौचमुक्त कराने की दिशा में एक नयी पहल शुरू की है. उन्होंने लोहरदगा जिला में स्वेच्छा से शौचालय बनाने वालों को 10 हजार रुपये का एक सर्टिफिकेट देने की घोषणा की है. इसके तहत किसान विकास पत्र या […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 12, 2016 7:57 AM
उपायुक्त की नयी पहल
लोहरदगा़ : उपायुक्त डॉ भुवनेश प्रताप सिंह ने लोहरदगा जिला को खुले में शौचमुक्त कराने की दिशा में एक नयी पहल शुरू की है. उन्होंने लोहरदगा जिला में स्वेच्छा से शौचालय बनाने वालों को 10 हजार रुपये का एक सर्टिफिकेट देने की घोषणा की है. इसके तहत किसान विकास पत्र या किसी बैंक का फिक्स डिपोजिट दिया जायेगा, जो 20 वर्ष के बाद 45 हजार रुपये हो जायेगा.
सरकार द्वारा शौचालय निर्माण पर 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है. इसी राशि से 10 हजार रुपये शौचालय बनाने वाले के बच्चे या बच्चियों के नाम से सर्टिफिकेट दिया जायेगा, जो 20 वर्ष के बाद लगभग 45 हजार रुपये हो जायेगा. इस नये प्रयोग की शुरुआत सेन्हा प्रखंड के कोरांबे गांव से की गयी है.
जगन्नाथ महाप्रभु की इस पावन भूमि में जैसे ही जिला प्रशासन द्वारा यह घोषणा की गयी, लोगों ने स्वेच्छा से अपने-अपने घरों में शौचालय बनवाने की शुरुआत कर दी है. गांव के कुछ लोगों ने बताया कि उपायुक्त पिछले दिनों कोरांबे गांव आये थे़ लोगों को इस संबंध में विस्तार से बताया था. उपायुक्त ने जिस तरीके से ग्रामीणों को स्वच्छता की जानकारी दी, उससे लगभग हर कोई अपने घर में शौचालय बनाने एवं उसका उपयोग करने का संकल्प लिया है.
लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कोरांबे गांव में जिला प्रशासन द्वारा रात्रि चौपाल भी लगाया गया, जहां कई तरह की जानकारी दी गयी़ मौके पर करीब 20 लोगों ने स्वेच्छा से अपने घर में शौचालय निर्माण की बात कही. वहीं गांव में समिति बना कर लोगों को खुले में शौच जाने से रोकने की भी बात कही गयी. इसके लिए महिलाओं की समिति, बच्चों की समिति एवं जागरूकता समिति होगी. उपायुक्त की इस पहल की चर्चा जोरों पर है.
इधर,उपायुक्त डॉ भुवनेश प्रताप सिंह का कहना है कि यदि लोग अपने घरों में शौचालय बनवा लेते हैं, तो यह बड़ी अच्छी बात है. लोगों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होंगे, तब तक जिले को खुले में शौच से मुक्त नहीं कराया जा सकता है. लोहरदगा जिला आने वाले दिनों में निश्चित रूप से खुले में शौच से मुक्त जिला होगा.