लोहरदगा : वर्ष 2016 समाप्त होने काे है. नये वर्ष के स्वागत में लोग जुट गये हैं. पर्यटन स्थलों में जाकर नये वर्ष का स्वागत लोग पिकनिक मना कर करना चाहते हैं. लोहरदगा जिला में कई पिकनिक स्पॉट हैं.
लोहरदगा जिला प्राकृतिक सौंदर्य एवं प्राचीन अवशेषों से भरा पड़ा है. एक ओर घनी वादियां एवं उसकी गोद में कोलाहल करते जलप्रपात एवं दूसरी ओर प्राचीन काल से स्थापित मंदिर लोहरदगा जिला की सुंदरता में चार चांद लगाती है.
प्राचीन शिव मंदिर : लोहरदगा प्रखंड के खखपरता गांव में 11वीं सदी के प्राचीन शिव मंदिर की खोज की गयी है एवं पुरातत्व विभाग द्वारा इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है. इस स्थल की सुंदरता देखते ही बनती है. लोहरदगा जिला मुख्यालय से करीब आठ किमी की दूरी पर स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर काफी लोकप्रिय है. लोग यहां पूजा-अर्चना करने आते हैं और वनभोज का भी आनंद उठाते हैं. यहां की प्राकृतिक छटा देख कर लोग हर्षित होते हैं.
अजय उद्यान : शहर के मध्य स्थित शहीद अजय कुमार सिंह के नाम पर बनाये गये अजय उद्यान भी यहां के लोगों के लिए एक पिकनिक स्पॉट है. लोग नये वर्ष पर यहां परिवार के साथ पहुंचते हैं और वक्त गुजारते हैं. लोहरदगा जिला के सेन्हा प्रखंड के चितरी गांव स्थित कोयल नदी के तट पर भी पिकनिक मनाने वालों की अच्छी खासी भीड़ रहती है. चितरी घाट से प्रसिद्ध इस स्थल की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर लोग काफी खुश होते हैं.
अखिलेश्वर धाम :भंडरा प्रखंड का अखिलेश्वर धाम सिर्फ लोहरदगा जिला ही नहीं, वरन आसपास के इलाकों के लोगों का भी श्रद्धा का केंद्र है. श्रद्धालु वर्ष भर यहां पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं. सावन में तो यहां भक्तों की काफी भीड़ उमड़ती है. कोयल नदी के पुल से जब ट्रेन गुजरती है, तो इसकी सुंदरता देखते ही बनती है.कोयल नदी के तट पर बैठ कर पिकनिक मनाने का आनंद कुछ और है. यहां पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं और कोयल नदी के किनारे पिकनिक मनाते हैं.