कैरो में तीन नहर एवं दो नदी के बावजूद पानी के लिए हाहाकार

कैरो-लोहरदगा : भंडरा एवं कैरो प्रखंड के सीमा में बने नंदिनी जलाशय से निकली नंदिनी नदी में बराबर पानी बहता था, लेकिन आज नंदनी डैम से निकलने वाली नहरों में जीर्णोद्धार का काम धीमी गति से होने के कारण नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण नहरों के अलावा नदियों में भी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 21, 2017 8:32 AM

कैरो-लोहरदगा : भंडरा एवं कैरो प्रखंड के सीमा में बने नंदिनी जलाशय से निकली नंदिनी नदी में बराबर पानी बहता था, लेकिन आज नंदनी डैम से निकलने वाली नहरों में जीर्णोद्धार का काम धीमी गति से होने के कारण नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण नहरों के अलावा नदियों में भी पानी सूख गया है.

जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि नदियों में आठ-दस फीट गड्ढा खोदने के बाद भी पानी नहीं निकल रहा है. नहरों एवं नदियों में पहले सालों भर पानी बहता था, लेकिन नंदिनी जलाशय से पानी रोके जाने के बाद नदियों का जलस्तर भी नीचे चला गया है. इस क्षेत्र के लोग नदी एवं नहर किनारे बराबर खेती करते आये हैं. प्रखंड क्षेत्र के अकाशी, नरौली,उतका, कैरो,जामुनटोली, विराजपुर, सुकरहूटू गांव के किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती की गयी है.

नदियों एवं नहरों में पानी न रहने से किसानों को अपना खेती बचाना मुश्किल हो रहा है. नदी किनारे मिर्चा, बंधगोभी, खीरा, ककड़ी शिमला, बीन, टमाटर आदि की खेती किसानों द्वारा की गयी है. पानी के अभाव में ये फसल बरबाद होने के कगार में पहुंच गया है.

नदियों एवं नहरों में पानी नहीं रहने के कारण लोगों को अपने मवेशियों को भी पानी पिलाने में परेशानी हो रही है. जबकि गरमी के मौसम में यही खेत किसानों के लिए चारागाह बना रहता था. लोगों अपने मवेशी लेकर इधर ही पहुंचते थे. नंदिनी डैम से पानी नहीं छोड़े जाने को लेकर न तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासन सक्रिय हैं जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.