200 नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में रामोत्सव मनाने का लक्ष्य

स्थानीय गुदरी बाजार हनुमान मंदिर के पास मंगला शोभायात्रा के दौरान उपस्थित अखाड़ों के बीच युवा भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अजातशत्रु, विश्व हिंदू परिषद जिलाध्यक्ष रितेश कुमार, श्रीराम समिति अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, केंद्रीय महावीर मंडल अध्यक्ष विपुल तामेड़ा ने रामोत्सव का पोस्टर जारी कर रामोत्सव पर्व का शुरुआत किया

By DEEPAK | April 2, 2025 8:52 PM

लोहरदगा. स्थानीय गुदरी बाजार हनुमान मंदिर के पास मंगला शोभायात्रा के दौरान उपस्थित अखाड़ों के बीच युवा भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अजातशत्रु, विश्व हिंदू परिषद जिलाध्यक्ष रितेश कुमार, श्रीराम समिति अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, केंद्रीय महावीर मंडल अध्यक्ष विपुल तामेड़ा ने रामोत्सव का पोस्टर जारी कर रामोत्सव पर्व का शुरुआत किया. इसके बाद नगर के विभिन्न अखाड़ों बरवा टोली, मोटीया संघ, बीआइडी, मिशन चौक, बजरंग दल अमला टोली, थाना टोली, हटिया गार्डन, तिवारी दुरा का भ्रमण कर वहां के मंदिरों तथा अखाड़ा में रामोत्सव का पोस्टर लगाकर तथा उपस्थित सनातनियों को रामोत्सव का महत्व बताकर उन्हें जागरूक करने का काम विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष रितेश कुमार ने किया.उपस्थित लोगों के बीच राम भगवान के जन्म का महत्व बताते हुए कहा कि राम भगवान एक आदर्श पुत्र, आदर्श राजा, आदर्श पति के साथ साथ पुरुषोत्तम का मिशाल हैं. जिनका जन्म अच्छे और धर्म आधारित आदर्शों को स्थापित करने हेतु हुआ था. जहां एक ओर अपने पिता द्वारा दिये वचन को पूरा करने के लिए 14 वर्ष का वनवास काटा, तो दूसरी ओर वनवास के दौरान दुष्ट शक्तियों का संहार कर धर्म की रक्षा किये, वहीं निषाद से गला मित्रवत गला मिलकर तथा सबरी की जूठे बैर खाकर समाज मे ऊंच नीच, जात पात के भेदभाव को खत्म करने का आदर्श स्थापित किया. जबकि अपने छोटे भाई भरत को राजगद्दी सौंपना और भरत द्वारा उसे अस्वीकार कर अपने बड़े भाई का खांड़ाव को राजगद्दी में रखकर एक सेवक की तरह देश सेवा करना, रिश्तों को निभाने की श्रेष्ठ उदाहरण है. दूसरी शब्दों में बोल सकते हैं कि राम भगवान का जन्म ही दुष्टों का सर्वनाश करने, आदर्श समाज का निर्माण करने तथा धर्म की रक्षा करने तथा इसकी अक्षुण्यता को स्थापित करने के लिए ही हुआ था. रामोत्सव कार्यक्रम 12 अप्रैल तक होना है, जिसके अंतर्गत लोहरदगा ज़िला के नगर व ग्रामीण क्षेत्रों के 200 मठ, मंदिर तथा अखाड़ों में संपर्क करने का लक्ष्य रखा गया है, फिर 12 अप्रैल को हनुमान जन्मदिवस को समापन बलोपसना के साथ किया जायेगा.

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