अब राज्य में जमीन के निबंधन से पूर्व दस्तावेज की होगी जांच

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निबंधन और म्यूटेशन कराने को लेकर सरकार गंभीर हुई है़ आइजी रजिस्ट्रेशन विप्रा भाल ने सभी उपायुक्तों सह जिला रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर कहा है कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर भूमि निबंधन की सूचनाएं विभाग को प्राप्त हुई हैं.

By Prabhat Khabar News Desk | September 9, 2020 7:16 AM

रांची : फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निबंधन और म्यूटेशन कराने को लेकर सरकार गंभीर हुई है़ आइजी रजिस्ट्रेशन विप्रा भाल ने सभी उपायुक्तों सह जिला रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर कहा है कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर भूमि निबंधन की सूचनाएं विभाग को प्राप्त हुई हैं. ज्ञात हो कि पिछले दिनों प्रभात खबर ने जमीन का निबंधन और म्यूटेशन गलत तरीके से कराने के मामले को प्रमुखता से छापा था़

गलत तरीके से जमीन की खरीद-बिक्री के साथ अधिग्रहित जमीन का मुआवजा उठाने का मामला भी सामने लाया गया था़ आइजी रजिस्ट्रेशन ने पत्र में कहा है कि विभाग ने पहले भी कहा था कि भू-माफियाओं द्वारा खतियान में छेड़छाड़ कर गलत दस्तावेज के आधार पर निबंधन कराया जाता है़ निबंधन से पूर्व वेबसाइट, झारभूमि से खतियान व रजिस्टर-टू को डाउनलोड कर दस्तावेज का सत्यापन कर ले़ं

रजिस्ट्री के समय करें सत्यापन : आइजी रजिस्ट्रेशन ने कहा है कि अपने अधीनस्थ काम करनेवाले निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दें कि वह रजिस्ट्री के समय प्रस्तुत दस्तावेज का ऑनलाइन सत्यापन कर लें. यदि ऑनलाइन दस्तावेज नहीं है, तो सीओ द्वारा प्रमाणित दस्तावेज की जांच करे़ं निबंधन पदाधिकारी द्वारा दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो तो सीओ द्वारा प्रमाणित रजिस्टर-टू व भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र और शुद्धि पत्र द्वारा हस्तांतरित होनेवाली भूमि की जांच करे़ं

भू-माफिया के फर्जी दस्तावेज से निबंधन की शिकायत सही निकली

प्रभात खबर ने जमीन का निबंधन और म्यूटेशन गलत तरीके से कराने का मामला छापा था़

Post by : Pritish Sahay