सरकार को भेजी जायेगी गंभीर बीमारी से पीड़ितों की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना की बैठक में उठा था मामलाप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज हो तो देश में मच जाता है बवालRajiv Gauba : पटना के सरकारी स्कूल से राजीव गौबा ने की थी पढ़ाई अब बने नीति आयोग […]
मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना की बैठक में उठा था मामला
पाकुड़ : सिविल सर्जन एनके मेहरा की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में बुधवार को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत बैठक की गयी. इसमें कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गयी. साथ ही कोलकाता के हरेक अस्पताल द्वारा उपरोक्त योजना का लाभ दिलाये जाने को लेकर गलत तरीके से रिपोर्ट अस्पताल प्रबंधन को सौंपे जाने मामले मे जांच की गयी. सीएस श्री मेहरा ने जानकारी देते हुए कहा कि पाकुड़ मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गंधाइपुर निवासी वसीर सेख व संग्रामपुर जोगीगड़िया निवासी मोहिजुद्दीन सेख का कागजात तैयार कर पश्चिम बंगाल के डेसून अस्पताल एंड इंस्टीच्यूट कोलकाता द्वारा भेजी गयी रिपोर्ट संदेहास्पद बताया है.
संस्थान द्वारा बसीर सेख के लिए दो लाख 35 हजार 82 रुपये तथा मोहिजुद्दीन सेख के लिए दो लाख नौ हजार पांच सौ 72 रुपये का प्राक्कलन भेजा गया है. भेजे गये प्राक्कलन व रिपोर्ट संदेहास्पद है. बैठक में उपरोक्त रिपोर्ट को रांची को भेजने का निर्णय लिया गया. वहीं महेशपुर थाना क्षेत्र के जगरनाथपुर निवासी केशव प्रसाद मंडल का चिन्हित चिकित्सा संस्था चैरिस्टेलियल मेडिकल कॉलेज भेलौर द्वारा भेजे गये प्राक्कलन 12 लाख पर भी विचार किया गया.
चिकित्सा परिषद द्वारा जांचोपरांत गंभीर बीमारी होडगकिंगस लियमपोमा नामक बीमारी को चिन्हित किया गया. इससे सिविल सर्जन सह अध्यक्ष एवं चिकित्सा परिषद के सदस्यों ने सर्वसम्मति से निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं झारखंड रांची को भेजने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा हिरणपुर के मोहनपुर निवासी नेजाम मोमीन के आवेदन की जांच के बाद एक लाख रुपये अनुदान स्वीकृत किये जाने का निर्णय लिया गया. उपरोक्त मौके पर अस्पताल उपाधीक्षक, महिला चिकित्सक, समाजिक कार्यकर्ता हिसाबी राय के अलावा अन्य मौजूद थे.