बच्चों को बताया गया जीवन में बुजुर्गों का महत्व

बुजुर्गों के सम्मान पर दिया गया जोर... राजमहल : शहर के नीलकोठी स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शनिवार को दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से विद्यालय के सचिव दिलीप चौरसिया व वार्ड आयुक्त सह समिति की सदस्य रेखा देवी मौजूद थे. अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 10, 2016 5:48 AM

बुजुर्गों के सम्मान पर दिया गया जोर

राजमहल : शहर के नीलकोठी स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शनिवार को दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से विद्यालय के सचिव दिलीप चौरसिया व वार्ड आयुक्त सह समिति की सदस्य रेखा देवी मौजूद थे. अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उदघाटन किया. विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश्वर पाठक ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दादा-दादी व नाना-नानी के महत्व का उजागर करना है.
हर व्यक्ति के बचपन में दादा-दादी व नाना – नानी की भूमिका अहम होती है. इन की कहानियां व शिक्षा बच्चों के लिए प्रेरणा साबित होती है. विद्यालय प्रबंधन द्वारा कार्यक्रम में मौजूद दादा-दादी व नाना-नानी को सम्मानित किया गया. मौके पर मिश्री प्रसाद मंडल, संजय मिश्रा, नंदलाल सेन, कृष्णकांत पाठक, हेमा कुमारी, श्वेता रानी, खुशबू वाला, स्वीटी कुमारी सहित अन्य आचार्य, आचार्या व भैया-बहन मौजूद थे.