केंद्र में जिसकी रहती है सरकार, उसी के प्रत्याशी को चुनती है पलामू की जनता

मेदिनीनगर : पलामू संसदीय क्षेत्र के इतिहास पर यदि गौर करें, तो पलामू के लोगों ने हमेशा वैसे दलों के प्रत्याशी को चुना है, जिनकी केंद्र में सरकार रही है. यानी हवाओं के रुख को पहचानने की क्षमता यहां के मतदाताओं में रही है. वैसे भी वर्ष 2000 में बिहार से अलग होकर जब झारखंड […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 24, 2019 1:06 AM

मेदिनीनगर : पलामू संसदीय क्षेत्र के इतिहास पर यदि गौर करें, तो पलामू के लोगों ने हमेशा वैसे दलों के प्रत्याशी को चुना है, जिनकी केंद्र में सरकार रही है. यानी हवाओं के रुख को पहचानने की क्षमता यहां के मतदाताओं में रही है. वैसे भी वर्ष 2000 में बिहार से अलग होकर जब झारखंड बना, तो इस इलाके को राज्य की राजनीतिक राजधानी के रूप में भी देखा जाता है.

आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 20 वर्षों में हुए चार आम चुनाव में यह धारणा और भी पुष्ट हुई है. जिस पर पलामू के मतदाताओं ने अपनी मुहर लगायी है. उस पार्टी की सरकार केंद्र में रही है.
आंकड़ों को देखे तो 1999 में यहां से सांसद के रूप में ब्रजमोहन राम चुने गये थे. ब्रजमोहन राम भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और जीत मिली थी. इसके पहले 1996 में भी ब्रजमोहन राम ने बतौर भाजपा प्रत्याशी चुनाव जीता. 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनी थी.
1999 के बाद 2004 में जब चुनाव हुआ तो 1991 से लेकर 1999 तक जिस सीट पर भाजपा का कब्जा था वह भाजपा के कब्जे से छिटककर राजद के पास चली गयी. राजद के प्रत्याशी के रूप में मनोज कुमार ने चुनाव जीता. 2004 में युपीए की सरकार बनी और राजद युपीए का हिस्सा था. उसके बाद 2007 में उपचुनाव हुआ उसमें राजद प्रत्याशी घुरन राम चुनाव जीते. 2009 में झामुमो प्रत्याशी के रूप में कामेश्वर बैठा ने चुनाव जीता.
2004 से 2014 तक इस सीट से युपीए फोल्डर के प्रत्याशी की जीत हुई. जैसे ही 2014 में हवा का रुख बदला. पलामू के लोगों ने भी अपना मिजाज बदला और यहां भी मोदी लहर में भाजपा प्रत्याशी के रूप में वीडी राम ने चुनाव जीता. 2019 में दुबारा वीडी राम ने अपनी जीत दर्ज की और फिर से देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बन रही है.आंकड़ों को देखे तो इससे स्पष्ट होता है कि पलामू के मतदाताओं ने हमेशा उस दल के प्रत्याशी को ही चुना है जिस पार्टी की केंद्र में सरकार रही. या फिर वह दल सरकार में सहयोगी के रूप में रहा है.