विधायक का सफरनामा : हाथ पकड़ कर छोड़ते रहे हैं राधाकृष्ण किशोर

राधाकृष्ण किशोर, विधायक (छतरपुर), मेदिनीनगर : छतरपुर के विधायक राधाकृष्ण किशोर पहले कांग्रेस, फिर जदयू, इसके बाद फिर से कांग्रेस तथा अभी भाजपा में हैं. पलामू के छतरपुर विधानसभा का पांच बार प्रतिनिधित्व करनेवाले श्री किशोर पहली बार कांग्रेस के टिकट पर 1980 में छतरपुर के विधायक बने थे. तब कांग्रेस के नेता भीष्म नारायण […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 10, 2019 12:22 AM

राधाकृष्ण किशोर, विधायक (छतरपुर), मेदिनीनगर : छतरपुर के विधायक राधाकृष्ण किशोर पहले कांग्रेस, फिर जदयू, इसके बाद फिर से कांग्रेस तथा अभी भाजपा में हैं. पलामू के छतरपुर विधानसभा का पांच बार प्रतिनिधित्व करनेवाले श्री किशोर पहली बार कांग्रेस के टिकट पर 1980 में छतरपुर के विधायक बने थे. तब कांग्रेस के नेता भीष्म नारायण सिंह (अब स्वर्गीय) ने उन्हें राजनीति में आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभायी थी. युवा विधायक के रूप में एकीकृत बिहार में श्री किशोर की पहचान थी.

1980 के बाद 1985 का चुनाव भी उन्होंने जीता. इसके बाद दो विधानसभा चुनाव हारने के बाद 1995 में कांग्रेस के टिकट पर ही किशोर ने फिर से चुनाव मे जीत हासिल की. पर इसके बाद 2000 का चुनाव वह हार गये. झारखंड गठन के बाद के पहले चुनाव (2005) से पूर्व उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी तथा जदयू में शामिल हो गये. जदयू के टिकट पर ही उन्होंने चुनाव लड़ा तथा राजद प्रत्याशी पुष्पा देवी को हराया.
गौरतलब है कि उस दौरान जदयू के प्रदेश अध्यक्ष रहे इंदर सिंह नामधारी ने ही श्री किशोर के लिए जदयू में आने का रास्ता तैयार किया था. 2005 का चुनाव जीतने के बाद 2009 के चुनाव में फिर से किशोर ने कांग्रेस में वापसी की. कांग्रेस के टिकट पर ही वह चुनाव लड़े, पर हार गये. फिर 2014 के चुनाव में कांग्रेस छोड़ कर वह भाजपा में शामिल हुए और भाजपा के टिकट पर छतरपुर विधानसभा का चुनाव जीता.