शहर आने से डर रहे हैं पथरा के ग्रामीण
चैनपुर : नरसिंहपुर पथरा इलाके के आसपास के कई गांव के ग्रामीण खौफजदा है. वह असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं. उन्हें डर है कि उनके साथ कभी भी मारपीट की घटना हो सकती है. क्योंकि 30 नवंबर के मतदान के बाद जो राजनीतिक परिस्थिति बनी है, वह विवाद का रूप ले रही है. […]
चैनपुर : नरसिंहपुर पथरा इलाके के आसपास के कई गांव के ग्रामीण खौफजदा है. वह असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं. उन्हें डर है कि उनके साथ कभी भी मारपीट की घटना हो सकती है. क्योंकि 30 नवंबर के मतदान के बाद जो राजनीतिक परिस्थिति बनी है, वह विवाद का रूप ले रही है. इस कारण वैसे व्यक्तियों को भी निशाना बनाया जा रहा है, जिनका राजनीतिक से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है.
रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए वैसे लोग शहर के आसरे है या फिर बगल के गांवों में जाकर दूध, सब्जी आदि की बिक्री करते हैं. लेकिन चुनाव के बाद जो राजनीतिक झड़प हुई उसमें इलाका के होने के कारण या तो निशाना बनाया जा रहा है या फिर धमकी भरे लहजे में बात की जा रही है.
इससे डरे सहमे ग्रामीण सोमवार को नरसिंहपुर पथरा के पंचायत भवन में जुटे थे. उनलोगों के चेहरे पर डर साफ तौर फर झलक रहा था. बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद सदस्य विकास चौरसिया उर्फ संटू चौरसिया व संचालन सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक व्यास राम चौरसिया ने किया. बैठक में जिप सदस्य श्री चौरसिया ने कहा कि राजनीतिक लड़ाई के कारण वर्षों से चली आ रही भाईचारे की परंपरा को चोट नहीं पहुंचनी चाहिए. क्योंकि चुनाव समाप्त हो गया है और उस दिन हुई झड़प को लेकर यदि निर्दोषों को निशाना बनाया जायेगा, तो इससे वातावरण खराब होगा. इसलिए सभी को संयम व धैर्य से रहते हुए भाईचारे की डोर को मजबूत करने की जरूरत है. प्रशासन को भी चाहिए कि सुरक्षा का माहौल कायम करें.
क्योंकि ग्रामीण भय के साये में जीवन जी रहे हैं. बैठक में कई लोगों ने अपनी आपबीती बतायी. कहा कि उनलोगों पर बेवजह शक किया जा रहा है. बैठक में पूर्व मुखिया शिवशंकर प्रसाद, उदय प्रसाद चौरसिया, इंदल प्रसाद, अरुण प्रसाद, लखन प्रसाद, राजकिशोर प्रसाद, अमरेंद्र चौरसिया, बचानी चौरसिया, सुभाष कुमार, शशि चौरसिया, सुजीत चौरसिया, लव चौरसिया, संजय चौरसिया सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
