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भारी घाटे की चपेट में देश के 93 हवाई अड्डे

18 Aug, 2014 4:55 pm
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भारी घाटे की चपेट में देश के 93 हवाई अड्डे

एजेंसियां, नयी दिल्लीदेश के 93 हवाई अड्डे भारी घाटे की चपेट में हैं. जिनमें 86 हवाई अड्डे पिछले तीन वर्ष से लगातार नुकसान में चल रहे हैं. नागर विमानन मंत्रालय की सूचना के अनुसार इन हवाई अड्डों को प्रचालन की कमी के कारण यह नुकसान उठाना पड़ रहा है. घाटे में चल रहे इन हवाई […]

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एजेंसियां, नयी दिल्लीदेश के 93 हवाई अड्डे भारी घाटे की चपेट में हैं. जिनमें 86 हवाई अड्डे पिछले तीन वर्ष से लगातार नुकसान में चल रहे हैं. नागर विमानन मंत्रालय की सूचना के अनुसार इन हवाई अड्डों को प्रचालन की कमी के कारण यह नुकसान उठाना पड़ रहा है. घाटे में चल रहे इन हवाई अड्डों में दिल्ली के सफदरजंग हवाई अड्डे के साथ ही 13 राज्यों की राजधानी में स्थापित हवाई अड्डे शामिल हैं.रांची-पटना एयरपोर्ट भी घाटे मेंमध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, ओडि़शा की राजधानी भुवनेश्वर, बिहार की राजधानी पटना, आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद, झारखंड की राजधानी रांची, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, उत्तराखंड़ की राजधानी देहरादून, जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और शीतकालीन राजधानी जम्मू और हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला सहित कई राज्यों की राजधानियों में बनाये गये हवाई अड्डे घाटे में चल रहें हैं. इन सभी राजधानियों में विमान पत्तनम को पिछले तीन साल से लगातार घाटा हो रहा है.कहां कितना घाटा बेंगलुरु- 100 करोड़ भोपाल-130 करोड़ लखनऊ-100 करोड़ श्रीनगर-जम्मू – 100 करोड़गुवाहाटी-100 करोड़सफदरजंग-96 करोड़देहरादून- 85 करोड़हैदराबाद- 80 करोड़ रांची- 75 करोड़ पटना-75 करोड़ लाभ में लाने की कोशिशसरकार का कहना है कि घाटे में चल रहे इन हवाई अड्डों को लाभ में चलाने की योजना पर काम किया जा रहा है. इसके लिए इन अड्डों पर कागार्े गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है. इसके साथ ही दरों में संशोधन भी किया जा रहा है और ठेका प्रदान करके गैर विमानन राजस्व में बढ़ोतरी की जा रही है. उनका कहना है कि इनमें कई हवाई अड्डों पर विमानों की आवाजाही नहीं हो रही हैं और यातायात संचालित नहीं होने से उन्हें नुकसान हो रहा है. इस स्थिति में इन अड्डों के रख-रखाव को बेहतर बना कर वहां फ्लाइंग विद्यालयों को प्रचालन की अनुमति देन पर विचार चल रहा है.

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