ईश्वर की भक्ति में ही जीवन की सार्थकता : साध्वी
मेदिनीनगर. रांची रोड रेड़मा स्थित ठाकुरबाड़ी परिसर में श्रीमद भागवत कथा सप्ताह रविवार से शुरू हुआ. इसका समापन 13 दिसंबर को होगा. उत्तरांचल के रुड़की से पधारीं श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर साध्वी मैत्रेयी गिरी का प्रवचन चल रहा है. इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. रेड़मा के अलावा अन्य क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंच […]
मेदिनीनगर. रांची रोड रेड़मा स्थित ठाकुरबाड़ी परिसर में श्रीमद भागवत कथा सप्ताह रविवार से शुरू हुआ. इसका समापन 13 दिसंबर को होगा. उत्तरांचल के रुड़की से पधारीं श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर साध्वी मैत्रेयी गिरी का प्रवचन चल रहा है. इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. रेड़मा के अलावा अन्य क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. सोमवार को प्रवचन के दौरान साध्वी मैत्रेयी गिरी ने भागवत कथा की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला.
कहा कि भागवत पुराण कोई साधारण पुस्तक नहीं है, बल्कि यह ऐसा सदग्रंथ है, जो इनसान को इंसानियत का राह दिखाता है तथा मनुष्य के अंदर मानवीय गुणों का समावेश करता है.भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही कलुषित मानव मन निर्मल होता है. भागवत पुराण कथा के प्रभाव से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप क्षय हो जाते हैं और पुण्य काल का उदय होता है.
मनुष्य के अंदर विद्यमान अवगुण समाप्त होते हैं और सदगुणों का समावेश होता है. उन्होंने कहा कि भागवत कथा मानव जीवन की दशा व दिशा को बदलती है. यह अमृतमयी कथा मानव को अनुपम सुख व परमानंद की अनुभूति कराने वाली है. मनुष्य को संसारिक मोह-बंधनों से छुड़ा कर ईश्वर भक्ति की ओर प्रेरित करती है. ईश्वर की भक्ति में ही मानव जीवन की सार्थकर्ता है.
इसलिए मनुष्यों को संसार में रह कर सत्य की राह पर चलते हुए अपना जीवन यापन करना चाहिए तथा अपने जीवन को सफल बनाने के लिए भागवत पुराण के आधार पर चलना चाहिए. मौके पर आयोजन समिति के ललन तिवारी, परमेश तिवारी, सुनील तिवारी, विजय ओझा, शशि कुमार तिवारी, अजय तिवारी, इंद्रेश्वर उपाध्याय सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे.
