मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए कई कानून:सचिव
प्रतिनिधि, मेदिनीनगर. मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए कई कानून हैं. मजदूरों का यदि कहीं शोषण होता है या कोई दुर्व्यवहार करता है, या फिर न्यूनतम मजदूरी से उन्हें कम मजदूरी मिलती है तो इन सभी के लिए कानून में सजा का भी प्रावधान है. जरूरत है इस बात की कि मजदूर जागरूक होकर […]
प्रतिनिधि, मेदिनीनगर. मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए कई कानून हैं. मजदूरों का यदि कहीं शोषण होता है या कोई दुर्व्यवहार करता है, या फिर न्यूनतम मजदूरी से उन्हें कम मजदूरी मिलती है तो इन सभी के लिए कानून में सजा का भी प्रावधान है. जरूरत है इस बात की कि मजदूर जागरूक होकर संविधान द्वारा जो अधिकार दिया गया है, उसका उपयोग करें, ताकि कोई भी उन्हें हक से वंचित न कर सके. उक्त बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव उतम आनंद ने कही. अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर जिला श्रम कार्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया था. शिविर में मजदूरों को उनके हक के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी. साथ ही कानून में उनके अधिकार की जानकारी दी गयी. बताया गया कि यदि वे किसी फैक्टरी में काम करते हैं, तो उन्हें किस तरह की सुविधा उस स्थान पर मिलनी चाहिए. मौके पर अधिवक्ता वीणा मिश्रा ने कानून की जानकारी दी. शिविर में काफी संख्या में २लोग मौजूद थे.
