लीड) ) मजदूरी कर तीन बहनों को पाल रही है अनाथ सुधा
मुख्य बातें गोला प्रखंड क्षेत्र के नेमरा गांव की रहनेवाली है सुधाअपनी पढ़ाई छोड़ कर बड़ी बहन को दिला रही है उच्च शिक्षा होश संभालते ही सर से उठ गया था पिता का साया इसके बाद दुर्घटना में मां की भी हो गयी मौत अब भगवान के भरोसे हैं चारों बहनें फोटो फाइल : 25 […]
मुख्य बातें गोला प्रखंड क्षेत्र के नेमरा गांव की रहनेवाली है सुधाअपनी पढ़ाई छोड़ कर बड़ी बहन को दिला रही है उच्च शिक्षा होश संभालते ही सर से उठ गया था पिता का साया इसके बाद दुर्घटना में मां की भी हो गयी मौत अब भगवान के भरोसे हैं चारों बहनें फोटो फाइल : 25 चितरपुर ई मजदूरी करती सुधा गोला / सोनडीमरा.गोला प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत नेमरा गांव की सुधा कुमारी (13 वर्ष) पर बचपन में ही दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. इसके बाद भी सुधा ने हिम्मत नहीं हारी. उसने साहस का परिचय देते हुए तीनों बहनों की जिम्मेवारी अपने ऊपर ले ली. सुधा ने अपनी शिक्षा का बलिदान दे दिया. वह अपनी बड़ी बहन को उच्च शिक्षा दिला रही है. सुधा कहती है कि होश संभालने के साथ ही सिर से पिता का साया उठ गया. मां ने हम तीनों बहनों को पिता की कमी महसूस नहीं होने दी. हालांकि बाद में मां का भी साया उठ गया. सुधा रोते-बिलखते हुए बताती हैं कि दो माह पूर्व बड़ी बहन व्यासमनी को मां इंटर की परीक्षा दिलाने रामगढ़ गयी थी. परीक्षा दिलाने के बाद वापस लौटने के दौरान ऑटो पलट गया. इसमें मां की मौत हो गयी. पहले पिता और बाद में मां की मौत होने के कारण चारों बहनों को काफी परेशानी हो रही है. सुधा ने बताया कि जब मां की मौत हुई, तो वह मध्य विद्यालय, रोरो में कक्षा आठवीं में पढ़ाई करती थी. लेकिन अपनी पढ़ाई को छोड़ कर वह रेजा का काम करने लगी. मजदूरी कर वह तीनों बहनों का पेट पाल रही है. सुधा ने बताया कि दूसरी बहन पहले वर्ग में पढ़ती है. तीसरी बहन एक वर्ष की है. उसका विशेष देखभाल करना पड़ रहा है.
