सातों भइया रे सातों करम गाड़े…
मेदिनीनगर : गुरुवार को करमा पूजा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर जीएलए कॉलेज के जेएन दीक्षित छात्रावास परिसर में कार्यक्रम का आयोजन हुआ. आदिवासी युवक -युवतियों ने परंपरा के अनुसार करम की डाली को अखरा में स्थापित किया. पाहन इंद्रदेव उरांव ने विधिवत करम गोसांई की पूजा संपन्न कराया. व्रतधारी युवतियों ने […]
मेदिनीनगर : गुरुवार को करमा पूजा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर जीएलए कॉलेज के जेएन दीक्षित छात्रावास परिसर में कार्यक्रम का आयोजन हुआ. आदिवासी युवक -युवतियों ने परंपरा के अनुसार करम की डाली को अखरा में स्थापित किया. पाहन इंद्रदेव उरांव ने विधिवत करम गोसांई की पूजा संपन्न कराया.
व्रतधारी युवतियों ने उपवास रह कर करम गोसांई की पूजा-अर्चना की. इस दौरान अपने पाप की क्षमा याचना की, वहीं जीवन में सुख शांति के लिए प्रार्थना भी किया. पाहन ने करम महात्मय कथा सुनाया गया. विधिवत पूजा-अर्चना के बाद लोगों के बीच प्रसाद वितरित हुआ. आदिवासी युवक -युवतियों ने महोत्सव के अवसर पर मांदर की थाप पर नृत्य करते हुए करमा पूजा से जुड़े गीत गा रहे थे.
इस दौरान युवतियों ने सातो भइया रे सातो करम गाड़े, सातो गोतनी सेवा करे रे, ‘ करम-करम कहले गे आयो, करम का दिन कैसे आवे आदि गीत प्रस्तुत किया. पारंपरिक नृत्य व गीत में पुष्पा कुमारी, दिव्या किरण कुजूर, मीना कुजूर, विलियानुस,चंद्रदेव, मनोज, संजय मुंडा, अमित,युगल, रामसुंदर, आनंद,संध्या तिर्की, सुचिता खलखो, अलका तिर्की, रैना, संजीत, सरिता मिंज, पसंद मिंज आदि शामिल थे.
