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टाली जा सकती थी सरइडीह की घटना : राधाकृष्ण

टाली जा सकती थी सरइडीह की घटना : राधाकृष्णगांव से दौरा कर लौटे विधायकपत्रकार सम्मेलन में दी जानकारीफोटो-सैकत नेट से प्रतिनिधि, मेदिनीनगर.सतारूढ दल के मुख्य सचेतक सह छतरपुर विधायक राधाकृष्ण किशोर ने नौडीहा के सरइडीह में हुई घटना को स्थानीय पुलिस की विवेकहिनता का प्रतिफल बताया है. कहा है कि क्षेत्र में जाने के बाद […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 9, 2015 7:47 PM

टाली जा सकती थी सरइडीह की घटना : राधाकृष्णगांव से दौरा कर लौटे विधायकपत्रकार सम्मेलन में दी जानकारीफोटो-सैकत नेट से प्रतिनिधि, मेदिनीनगर.सतारूढ दल के मुख्य सचेतक सह छतरपुर विधायक राधाकृष्ण किशोर ने नौडीहा के सरइडीह में हुई घटना को स्थानीय पुलिस की विवेकहिनता का प्रतिफल बताया है. कहा है कि क्षेत्र में जाने के बाद वहां के ग्रामीणों ने जो कुछ जानकारी दी है, उसके मुताबिक छह अक्तूबर को जब ओझा रमेश भुइयां की गिरफ्तारी हुई, तो उस समय किसी ने कोई विरोध नहीं किया था, लेकिन गिरफ्तारी के बाद नौडीहा थाना के अवर निरीक्षक अभिजीत मिश्रा और आरआइवी का एक जवान वहां लोगों को अकारण पीटने लगे, गाली देने लगे, जिसके बाद भीड़ उग्र हुई. घटना के दो तीन घंटे के बाद सरइडीह इलाके के लोगों को भी अकारण पीटा गया. स्थानीय लोगों को न्याय मिले, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से बात की है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भरोसा दिलाया है कि स्थानीय लोगों को न्याय मिलेगा. प्रेस कांफ्रेंस में विधायक श्री किशोर ने सवाल उठाया कि 12 सितंबर से काराकाट में भूत मेला लगा था, लेकिन स्थानीय पुलिस की नींद छह अक्तूबर को खुलती है. ऐसा आखिर क्यों? श्री किशोर का कहना है कि यदि आस्था है या फिर अंधविश्वास, इसे गोली के बल पर नहीं दबाया जा सकता, बल्कि लोगों को जागरूक व शिक्षित कर इससे निबटा जा सकता है. इस तरह के कार्य पर रोक लगे, इसके लिए सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं से भी सहयोग लेना चाहिए था, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं दी. ओझा की गिरफ्तारी के बाद भी स्थिति सामान्य थी, लेकिन अभिजीत मिश्रा के हरकतों के कारण ग्रामीण गोलबंद हुए थे. उन्होंने फायरिंग पर भी सवाल उठाया है. कहा है कि यदि एक स्थान पर जमा लोग घायल होते तो बात समझ आती, लेकिन अलग-अलग जगहों पर जो लोग खड़े थे, वह गोली से घायल हुए हैं. यह भी एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. उन्होंने कहा कि एसपी से उन्होंने अभिजीत मिश्रा को हटाने और सरइडीह पिकेट में आइआरबी के नयी कंपनी तैनात करने की मांग की है, जिस पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है. उन्हें जो सूचना है, उसके मुताबिक अभिजीत मिश्रा को वहां से हटा दिया गया है. श्री किशोर का कहना है कि यदि नौडीहा पुलिस विवेक से काम लेती, तो इस घटना को टाला जा सकता था. इसमें ग्रामीणों का दोष नहीं है, बल्कि एक पुलिस पदाधिकारी के रवैये के कारण यह स्थिति बनी है.

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