बिना मांगे एडवांस दे रहा है सीसीएल

बिना मांगे एडवांस दे रहा है सीसीएल चुनाव ड्यूटी का पैसा मिलता है एडवांस में पैसे को लेकर चल रहा विवादवरीय संवाददातारांची : सीसीएल अपने कर्मियों को बिना मांगे ही एडवांस में पैसा दे रहा है, जबकि एडवांस के लिए आवेदन का प्रावधान है. कंपनी चुनाव ड्यूटी में जानेवाले कर्मियों को नौ हजार रुपये एडवांस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 23, 2015 6:14 PM

बिना मांगे एडवांस दे रहा है सीसीएल चुनाव ड्यूटी का पैसा मिलता है एडवांस में पैसे को लेकर चल रहा विवादवरीय संवाददातारांची : सीसीएल अपने कर्मियों को बिना मांगे ही एडवांस में पैसा दे रहा है, जबकि एडवांस के लिए आवेदन का प्रावधान है. कंपनी चुनाव ड्यूटी में जानेवाले कर्मियों को नौ हजार रुपये एडवांस मद में दे रहा है. इसका आदेश भी निकल चुका है. रिटायर होनेवाले कर्मियों से यह पैसा काटा जा रहा है. कर्मचारी यूनियन इसका विरोध भी कर रहा है. संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में यह मुद्दा भी उठा है. अब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है. इधर, पंचायत चुनाव में जानेवाले कर्मियों को फिर एडवांस के रूप में नौ हजार रुपये दे दिया गया है. क्या है एडवांस का प्रावधान कर्मियों को एडवांस लेने के लिए अपने विभागाध्यक्ष के माध्यम से आवेदन वित्त विभाग के पास भेजना होता है. वहां से स्वीकृत होने पर एडवांस का पैसा खाते में जाता है. इसमें यह भी देखा जाता है कि पूर्व में लिये गये एडवांस की स्थिति क्या है. पूर्व में लिया गया एडवांस एडजस्ट नहीं होता है, तो इस पर आपत्ति भी हो जाती है. 27 हजार रुपये मिल गया है एडवांस सीसीएल में काम करनेवाले कर्मचारियों को दो साल में 27 हजार रुपये एडवांस मिल चुका है. इस साल तीन-तीन चुनाव (संसद, विधानसभा व पंचायत) हो चुके हैं. जिन कर्मियों की तीनों चुनाव में ड्यूटी थी, उन पर 27 हजार रुपये का एडवांस हो गया है. इसे एडजस्ट करने के लिए कंपनी के लिए तय मानक के आधार पर बिल बनाना होगा. यह आसपास चुनाव में जानेवाले कर्मियों के लिए संभव नहीं हो पा रहा है. पूर्व में कर्मियों को चुनाव के दौरान मिलनेवाली राशि एडवांस के रूप में नहीं दी जाती थी. वर्जन..पूर्व की तरह इस राशि को एडजस्ट किया जाना चाहिए. कर्मचारियों को मिल रहे पैसे का हिसाब नहीं दिया जायेगा. इसे चुनावी खर्च में एडजस्ट करना चाहिए. इस मुद्दे को लेकर प्रबंधन से बात भी हुई है. उन्हें रास्ता निकालने के लिए कहा गया है. आरपी सिंह, महासचिव, एनसीओइएआइ