सीसीएल की चुरी परियोजना को फॉरेस्ट क्लीयरेंस
सीसीएल की चुरी परियोजना को फॉरेस्ट क्लीयरेंस रांची. सीसीएल की चुरी परियोजना को फॉरेस्ट क्लीयरेंस (स्टेज-2) मिल गया है. भारत सरकार के आदेश के बाद राज्य सरकार ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है. इसके तहत सीसीएल वन विभाग के 312.76 हेक्टेयर भूमि का उपयोग कोयला खनन के लिए कर सकेगा. इसमें से […]
सीसीएल की चुरी परियोजना को फॉरेस्ट क्लीयरेंस रांची. सीसीएल की चुरी परियोजना को फॉरेस्ट क्लीयरेंस (स्टेज-2) मिल गया है. भारत सरकार के आदेश के बाद राज्य सरकार ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है. इसके तहत सीसीएल वन विभाग के 312.76 हेक्टेयर भूमि का उपयोग कोयला खनन के लिए कर सकेगा. इसमें से 10.26 हेक्टेयर भूमि का उपयोग सतही तौर पर होगा. शेष भूमि का उपयोग भूमिगत रूप में हो सकेगा. सीसीएल इस जमीन के बदले अगले साल मार्च तक वर्तमान मूल्य पर राशि का भुगतान भी वन विभाग को करेगा. 2007 से यह आवेदन लटका था. 0.81 एमटीपीए होना है उत्पादनसीसीएल के इस अंडर ग्राउंड माइंस से 0.81 मिट्रिक टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) कोयले का उत्पादन होना है. अभी इससे 0.16 एमटीपीए कोयले का उत्पादन होता है. रांची जिले के बुढ़मू में संचालित होनेवाले इस प्रोजेक्ट के लिए सीसीएल ने 493.46 हेक्टेयर भूमि पर आपत्ति मांगा है. इसमें से 432.32 हेक्टेयर क्षेत्र में माइंनिंग का काम होना है. इसमें 274.52 हेक्टेयर गैर वन भूमि भी है.