ऑनलाइन हेल्थ काउंसलिंग (पलामू के लिए)

ऑनलाइन हेल्थ काउंसलिंग (पलामू के लिए)गंदी चीजों से कान की सफाई करना खतरनाक रांची : रविवार को प्रभात खबर कार्यालय में आयोजित ऑनलाइन हेल्थ काउंसलिंग कार्यक्रम के दौरान ईएनटी विशेषज्ञ डॉ कमलेश दुबे ने पाठकों के सवालों के जवाब दिये. उन्होंने बताया कि कई लोग कानों की सफाई करवाने के लिए रास्ते में दुकान लगा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 6, 2015 6:03 PM

ऑनलाइन हेल्थ काउंसलिंग (पलामू के लिए)गंदी चीजों से कान की सफाई करना खतरनाक रांची : रविवार को प्रभात खबर कार्यालय में आयोजित ऑनलाइन हेल्थ काउंसलिंग कार्यक्रम के दौरान ईएनटी विशेषज्ञ डॉ कमलेश दुबे ने पाठकों के सवालों के जवाब दिये. उन्होंने बताया कि कई लोग कानों की सफाई करवाने के लिए रास्ते में दुकान लगा कर कान सफाई करने वालों के पास जाते हैं. कुछ लोग माचिस की तीली, क्लिफ आदि का इस्तेमाल करते हैं. यह सभी चीजें कानों में संक्रमण पैदा करते हैं. इसका गहरा असर दिमाग पर भी होता है. कानों की सफाई के लिए हमेशा ईएनटी डॉक्टर के पास ही जायें. कानों में संक्रमण के कई कारण होते हैं. बच्चों में हमेशा नाक का जाम रहना कान के संक्रमण के खतरे की ओर ईशारा करता है. ऐसे बच्चे जो कुपोषित है उनमें भी खतरा अधिक होता है. डायबिटीज लोगों में भी कान के संक्रमण का खतरा अधिक होता है. सर्दी, खांसी, बुखार के बाद कान में दर्द होता हे तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए. कान की बीमारी ओटियाटिस मेडिया का यदि ठीक से इलाज नहीं किया गया तो कान में पस भर सकता है और परदे में छेद हो सकता है. बच्चों के कान में बार-बार संक्रमण की शिकायत हो रही है तो न्यूमोकोकल और इंफ्लुजा का टीका जरूर लगवाना चाहिए. स्वीमिंग पूल, तालाब, नदी आदि के गंदे पानी से भी कानों में संक्रमण होता है. ऐसी जगहों पर नहाने से परहेज करना चाहिए.

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