ePaper

स्थानीय नीति को लागू कर आइवाश किया

8 Apr, 2016 12:00 am
विज्ञापन
स्थानीय नीति को लागू कर आइवाश किया

स्थानीय नीति को लागू कर आइवाश किया-स्थानीय नीति पर सरकार के खिलाफ झाविमो ने खोला मोरचा, बाबूलाल मरांडी ने कहा- स्थानीयता के नाम पर राज्य के लोगों को थमाया झुनझुना- राज्यभर में 22 व 23 को करेंगे आर्थिक नाकेबंदी – राज्य बनने के बाद मुख्यमंत्री रहते हमने बिहार सरकार द्वारा परिभाषित स्थानीयता के 1982 के […]

विज्ञापन

स्थानीय नीति को लागू कर आइवाश किया-स्थानीय नीति पर सरकार के खिलाफ झाविमो ने खोला मोरचा, बाबूलाल मरांडी ने कहा- स्थानीयता के नाम पर राज्य के लोगों को थमाया झुनझुना- राज्यभर में 22 व 23 को करेंगे आर्थिक नाकेबंदी – राज्य बनने के बाद मुख्यमंत्री रहते हमने बिहार सरकार द्वारा परिभाषित स्थानीयता के 1982 के सर्कुलर को लागू किया था संवाददाता 4 गोड्डा राज्य सरकार द्वारा स्थानीय नीति लागू किये जाने के निर्णय के विरोध में शुक्रवार को किसान भवन परिसदन में झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी व विधायक प्रदीप यादव ने प्रेस वार्ता की. श्री मरांडी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि स्थानीय नीति को लागू कर सरकार ने राज्य की जनता का आइवाश किया है. एक तरह से राज्य के लोगों के लिए नीति बनाकर झुनझुना थमाने का काम किया गया. उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद उनकी सरकार ने बिहार सरकार द्वारा स्वीकारित परिभाषा 1982 को आधार बनाकर झारखंड में भी लागू किया था. सर्वे में ऐसे लोग जिनके पूर्वज का नाम था, उसे थर्ड तथा फोर्थ ग्रेड में नौकरी दी जा रही थी. मुख्यमंत्री के पद से हट जाने के बाद भाजपा की सरकार ने मामले को टालने का काम किया. पिछले कुछ माह से राज्य में नियोजन की शुरुआत के साथ स्थानीयता का मामला तूल पकड़ा. जम कर आंदोलन व विरोध हुआ. सरकार ने अपने बचाव में आंदोलन को भटकाने के लिये आइवाश के तहत कैबिनेट ने निर्णय लिया है. आनेवाले समय में निर्णय कितना स्वीकार्य होगा, यह बात भविष्य के गर्भ में है. श्री मरांडी ने कहा कि सरकार को केंद्र सरकार के पास स्वीकृति के लिये रिपोर्ट भेजनी चाहिए. भारत के संविधान की धारा 16 (खंड तीन) में जिक्र है कि नवगठित राज्य के लोगों के लिए सभी पदों को 20 साल के लिए आरक्षित किया जाये. राज्य सरकार का कहना है कि अधिसूचित क्षेत्र के लिए थर्ड व फोर्थ ग्रेड में स्थानीय लोगों को लेना है. सच है कि सभी कार्यालयों से चपरासी की नौकरी की नियुक्ति रद्द कर आउटसोर्सिंग से काम लिया जा रहा है. राज्य का आधा हिस्सा अधिसूचित क्षेत्र में है, जबकि थर्ड ग्रेट में प्राथमिक शिक्षक पद की बहाली है, जाे मात्र 5 से 10 प्रतिशत ही हैं. राज्य के अंदर पुलिस पदाधिकारी, वनसेवा, सचिवालय, बीडीओ, सीओ, स्वास्थ्य सेवा, काॅलेज कर्मी तथा हाइस्कूल में ही सर्वाधिक बहाली है, जो स्थानीयता के आरक्षण से बाहर है. श्री मरांडी ने कहा कि राज्य में स्थानीयता एवं नियोजन नीति के मुद्दे पर 22 व 23 अप्रैल को आर्थिक नाकेबंदी की जायेगी. राज्य भर में जोरदार आंदोलन चलाया जायेगा.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें
Page not found - Prabhat Khabar