बंद खदानें चालू कराये सरकार
मेदिनीनगर : सात सूत्री मांगों को लेकर झारखंड जनशक्ति मजदूर यूनियन ने गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. इसका नेतृत्व यूनियन के केंद्रीय महामंत्री राकेश कुमार सिंह कर रहे थे. जुलूस की शक्ल में यूनियन के बैनर तले विभिन्न क्षेत्रों से आये मजदूरों ने प्रदर्शन में भाग लिया. यूनियन के महामंत्री श्री सिंह […]
मेदिनीनगर : सात सूत्री मांगों को लेकर झारखंड जनशक्ति मजदूर यूनियन ने गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. इसका नेतृत्व यूनियन के केंद्रीय महामंत्री राकेश कुमार सिंह कर रहे थे.
जुलूस की शक्ल में यूनियन के बैनर तले विभिन्न क्षेत्रों से आये मजदूरों ने प्रदर्शन में भाग लिया. यूनियन के महामंत्री श्री सिंह ने कहा कि पलामू जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कई माइंस बंद पड़े हैं. काम के अभाव में मजदूरों का पलायन हो रहा है. पलामू जिले में बेकारी बढ़ रही है. मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं.
अक्सर यह देखने-सुनने को मिलता है कि दूसरे राज्यों में पलामू के जो मजदूर काम करने जाते हैं, वे कई घटनाओं के शिकार हो जाते हैं. सरकार को चाहिए कि जिले में ही रोजगार उपलब्ध कराये, ताकि मजदूरों को काम की तलाश में बाहर न जाना पड़े. मेदिनीनगर शहर के 15 किलोमीटर की परिधि में सोकरा ग्रेफाइट माइंस, सुआ आयरन माइंस, कठौतिया कोल माइंस सहित कई खदान बंद पड़े हैं. सरकार इन खदानों को चालू कराने की दिशा में काम करे, ताकि मजदूरों को रोजगार मिल सके. मजदूरों का शोषण बरदाश्त नहीं किया जायेगा. सरकार यूनियन की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार नहीं करती है, तो उग्र आंदोलन किया जायेगा. कार्यक्रम में यूनियन के जिलाध्यक्ष करण सिंह, सोना सिंह, गिरधारी सिंह, शंकर विश्वकर्मा, उदित सिंह, दशरथ सिंह, किसमतिया देवी, राजमणि कुंवर, इंद्रदेव सिंह सहित काफी संख्या में महिला-पुरुष मजदूर शामिल थे. प्रदर्शन के बाद सात सूत्री मांगपत्र उपायुक्त को सौंपा गया.
क्या हैं मांगें
बंद सोकरा ग्रेफाइट, सुआ आयरन माइंस व कठौतिया कोल माइंस को चालू किया जाये, सोकरा ग्रेफाइट व सुआ आयरन माइंस में कार्यरत मजदूरों की बकाया मजदूरी का भुगतान किया जाये, श्रम विभाग के पलामू जिला कार्यालय में स्थायी रूप से सहायक श्रमायुक्त की पदस्थापना व विभाग में रिक्त पदों पर शीघ्र बहाली की जाये, बुटनडुबा डैम में स्थानीय मजदूरों से मछली पालन कराया जाये, एभीआइ नन बैंकिंग कंपनी के संचालक को गिरफ्तार किया जाये तथा उसमें जमा गरीबों का पैसा वापस कराया जाये.