किसी ने लगा लिये पौधे, तो किसी ने बना ली शौचालय की टंकी

मेदिनीनगर : रविवार से प्रशासन एक बार फिर अतिक्रमण हटाओ अभियान में लग गया है. समय-समय पर यहां यह अभियान चलता रहा है. लेकिन इसके बाद भी अतिक्रमण के मामले कम नहीं हो रहे हैं. यद्यपि अतिक्रमण के तरीके बदल रहे हैं. कोई गार्डनिंग के नाम पर सड़क को घेर रहा है तो कोई चहारदीवारी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 17, 2016 12:27 AM
मेदिनीनगर : रविवार से प्रशासन एक बार फिर अतिक्रमण हटाओ अभियान में लग गया है. समय-समय पर यहां यह अभियान चलता रहा है. लेकिन इसके बाद भी अतिक्रमण के मामले कम नहीं हो रहे हैं.
यद्यपि अतिक्रमण के तरीके बदल रहे हैं. कोई गार्डनिंग के नाम पर सड़क को घेर रहा है तो कोई चहारदीवारी ही बना रहा है. ऐसी स्थिति यदि देखना है तो अधिक दूर नहीं, शहर के पुलिस लाईन रोड से बीसफुटा पुल तक देखा जा सकता है. यह काफी महत्वपूर्ण सड़क है, यातायात के दृष्टिकोण से.
बीसफुटा के बाद यह सड़क एनएच में तब्दील हो जाती है, लेकिन जिस सड़क का अतिक्रमण हो रहा है, वह पथ निर्माण विभाग की परिधि में आता है. सड़क चौडी भी थी, लोगों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण काफी परेशानी होती है. सड़क को देखने के बाद यह स्पष्ट भी होता है कि किस तरह लोगों ने अपने फायदे के लिए सड़क का अतिक्रमण किया है.
स्थिति यह है कि फूल-पौधे के संरक्षण के बहाने सड़क घेर लिया गया है, तो कहीं अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान के हित में चहारदीवारी दे दी गयी. वहीं कुछ लोगों ने सड़क पर ही शौचालय की टंकी बनायी है. इन सबके बाद भी इस दिशा में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
नाली के निर्माण के वक्त भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, बल्कि नाली का निर्माण इस तरह कराया गया है कि लोग सड़क का अतिक्रमण आसानी से कर सके. बहरहाल मामला चाहे जो कुछ भी हो, एक बार जब प्रशासन फिर से अतिक्रमण हटाओ अभियान में लगी है तो ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या ऐसे मामलों पर भी प्रशासन की नजर जायेगी, या फिर सबकुछ ऐसे ही चलता रहेगा? यह एक बड़ा सवाल है.