शिक्षक ईमानदारी से कर्तव्यों का पालन करें

शिक्षा . मैट्रिक व इंटर वार्षिक परीक्षाफल में सुधार को लेकर कार्यशाला, जैक अध्यक्ष बोले बच्चों को नंबर देने में शिक्षक कंजूसी ना करें : अरविंद सिंह मेदिनीनगर : टाउन हाल में बुधवार को झारखंड अधिविद्य परिषद रांची द्वारा मैट्रिक व इंटर परीक्षा 2017 के परीक्षाफल में बेहतर सुधार के लिए माध्यमिक व उच्च माध्यमिक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

शिक्षा . मैट्रिक व इंटर वार्षिक परीक्षाफल में सुधार को लेकर कार्यशाला, जैक अध्यक्ष बोले

बच्चों को नंबर देने में शिक्षक कंजूसी ना करें : अरविंद सिंह

मेदिनीनगर : टाउन हाल में बुधवार को झारखंड अधिविद्य परिषद रांची द्वारा मैट्रिक व इंटर परीक्षा 2017 के परीक्षाफल में बेहतर सुधार के लिए माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसकी अध्यक्षता पलामू के क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक रामयतन राम ने की. मौके पर जैक अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में रिजल्ट बेहतर क्यों नहीं हो रहा है. यह काफी गंभीर विषय है. शिक्षकों पर समाज व राष्ट्र की जबावदेही है. बच्चों के भविष्य को सजाने व संवारने की जिम्मेवारी है. शिक्षक अपने कर्तव्य का पालन सही तरीके से नहीं कर पा रहे है. उन्होंने कहा कि सरकार गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. लेकिन इच्छाशक्ती के कारण बेहतर परिणाम नहीं मिल रहा है.

सरकारी स्कूलों के प्रति आकर्षक घट रहा है, इस पर सोचने की जरूरत है. उन्होंने कहा ईमानदारी से किये गये कार्य से संतुष्टी मिलती है. सरकारी शिक्षक कई प्रतियोगी परीक्षा में मैरिट के आधार पर चुने जाते हैं, फिर भी सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता शिक्षा नहीं मिल पाती है. निजी विद्यालयों में अभिभावकों को फीलगुड कराया जाता है. उन्होंने कहा कि शिक्षक चाणक्य, वशिष्ट, परमहंस है. राधाकृष्णन व डॉ अब्दुल कलाम शिक्षक बनना पंसद किया था. कहा था कि समाज में शिक्षक से बड़ा कोई पद नहीं है. उन्होंने कहा कि परीक्षा कड़ाई से हो, लेकिन कॉपी के मूल्याकंन में ईमानदारी बरतें, साल भर बच्चे परीक्षा को लेकर मेहतन करते हैं, फिर नंबर देने में कंजूसी क्यों की जाती है. अगले सत्र से प्रत्येक माह के लिए सिलेबस होगा, जिसके आधार पर बच्चों की पढ़ाई होगी. इसकी समीक्षा भी जायेगी. उन्होंने कहा कि ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी बेकार नहीं जाता. शिक्षक ईमानदारी से कर्तव्यों का पालन करें, परिणाम बेहतर निश्चित होगा. उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास लौटाये.

मौके पर नेतरहाट विद्यालय के प्राचार्य विध्यांचल पांडेय, प्रोफेसर एसी मिश्रा ने शिक्षकों ने कई टिप्स दिये. कार्यक्रम में जैक सदस्य प्रसाद पासवान, मेदिनीनगर डीएसवी के प्राचार्य डीके पांडेय, लातेहार के डीइओ निरजा कुजूर, प्राचार्य चंद्रबलि चौबे, दामोदर उपाध्याय, सतीश दुबे, सहायक राकेश कुमार मिश्रा सहित कई प्रमंडल के शिक्षक मौजूद थे.

बच्चों की लाइफ शिक्षकों के हाथ में : आरडीडीइ

पलामू के क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक रामयतन राम ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षाग्रहण करने वाले आज कई बड़े पदों पर हैं. लेकिन वर्तमान में शिक्षा व्यवस्था में कमी क्यों हो रही है. इस पर सोचने पर मजबूर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों से बेहतर सरकारी विद्यालय के शिक्षक होते हैं. प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के बाद चयन होता है, तो फिर हम पीछे क्यों है. सिर्फ परेशानी व समस्या बता कर मुकर नहीं सकते हैं, बल्कि शिक्षकों में इच्छाशक्ति हो, तो हम बेहतर कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में राज्य में दूसरे स्थान पर थे. प्रथम स्थान पर हमेशा रहे ऐसा प्रयास क्यों नहीं होना चाहिए. आरडीडीइ ने कहा कि बेहतर करने के लिए चुनौतियां जरूरी है. बच्चों की लाइफ शिक्षकों के हाथ में है. शिक्षक अपने बच्चों की तरह विद्यार्थियों को समझें.

समाज व राष्ट्र का भविष्य तय करते हैं शिक्षक : डीइओ

पलामू डीइओ डा मीना राय ने कहा कि शॉटकट रास्ता तय करने में आज परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालय के शिक्षकों के पास नॉलेज की कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास हो, तो बेहतर परिणाम सामने आयेंगे, और इस तरह के कार्यशाला का आयोजन की जरूरत नहीं पड़ेगी. उन्होंने कहा कि आज के बच्चे इंटरनेट से जुड़ गये हैं. अभिभावकों को भी इस पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि विद्यालय के शिक्षक कोचिंग करेंगे, तो बच्चों को क्या स्कूलों में शिक्षा देंगे. बेहतर वातावरण बनाने की जरूरत है. शिक्षकों को सशक्त और बच्चों के मन में डर होना चाहिए, तभी गुणवत्ता शिक्षा मिल पायेगी.

जीवन के मूल्यों को समझने की जरूरत : साहनी

गढ़वा डीइओ बालकेश्वर साहनी ने कहा कि बच्चों के मार्गदर्शन शिक्षक होते हैं. उनके जीवन के मूल्यों को समझने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में बेहतर परिणाम कैसे हो, इस दिशा में शिक्षकों को समझने की जरूरत है.

शिक्षा को हथियार के रूप में लें : पासवान

जैक सदस्य डॉ प्रसाद पासवान ने कहा कि गुणात्मक शिक्षा देने को लेकर सरकार का प्रयास हो रहा है. विद्यालयों में सभी तरह के संसाधन मुहैया कराया गया, लेकिन परीक्षा में बेहतर परिणाम नहीं मिल रहे हैं. इसके लिए कौन दोषी है. उन्होंने कहा कि जैक द्वारा कार्यक्रम के आयोजन के पीछे परीक्षा में बेहतर परिणाम कैसे मिले, इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है. यह तभी संभव होगा, जब शिक्षक अपनी जबावदेही को तय करेंगे.

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