नवनियुक्त शिक्षकों का प्रदर्शन

डीएसइ पर मनमानी का आरोप लगाया... मेदिनीनगर : नवनियुक्त शिक्षकों के 7 वां वेतनमान निर्धारण में जिला शिक्षक अधीक्षक द्वारा की जा रही मनमानी के खिलाफ नवनियुक्त शिक्षकों ने शनिवार को डीएसइ कार्यालय के समक्ष रोषपूर्ण प्रदर्शन किया. इसका नेतृत्व झारखंड प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव बलजीत कुमार सिंह एवं जिलाध्यक्ष दिनेश शुक्ला कर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 16, 2017 3:23 AM

डीएसइ पर मनमानी का आरोप लगाया

मेदिनीनगर : नवनियुक्त शिक्षकों के 7 वां वेतनमान निर्धारण में जिला शिक्षक अधीक्षक द्वारा की जा रही मनमानी के खिलाफ नवनियुक्त शिक्षकों ने शनिवार को डीएसइ कार्यालय के समक्ष रोषपूर्ण प्रदर्शन किया. इसका नेतृत्व झारखंड प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव बलजीत कुमार सिंह एवं जिलाध्यक्ष दिनेश शुक्ला कर रहे थे. 7 वां वेतनमान निर्धारण में हो रही बाधा को लेकर संघ के बैनर तले नवनियुक्त शिक्षक डीएसइ अरविंद कुमार से मिलने गये थे.
लेकिन डीएसइ जब कार्यालय में नहीं मिले तो संघ के लोग प्रदर्शन करने लगे. इस बीच प्रधान सहायक उमेश प्रसाद चौधरी ने आश्वस्त किया कि जल्द ही वेतन निर्धारण की प्रक्रिया शुरू होगी. नवनियुक्त शिक्षकों की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि वार्ता के लिए समय देकर डीएसइ स्वयं गायब हो गये. संघ के प्रदेश महासचिव बलजीत कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षकों को परेशान करना और उनका भयादोहन कर आर्थिक शोषण करना डीएसइ की फितरत में शामिल है.
यहीं वजह है कि शिक्षक प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाकर डीएसइ स्वयं कार्यालय से गायब हो गये. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार से नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन निर्धारण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो डीएसइ के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जायेगा. झारखंड प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व राज्य समन्वयक परशुराम तिवारी ने डीएसइ को अपनी कार्य प्रणाली में सुधार लाने को कहा. उन्होंने कहा कि डीएसइ दलाली प्रथा को बंद करें और शिक्षक हित में काम करें.
यदि डीएसइ अपने कार्य संस्कृति में बदलाव नहीं लाते हैं तो शिक्षकों द्वारा उनके खिलाफ आंदोलन तेज करेंगे. नवनियुक्त शिक्षकों का 7 वां वेतन निर्धारण का कार्य अविलंब शुरू नहीं किया गया तो उपायुक्त को स्थिति से अवगत कराया जायेगा. जरूरत पड़ने पर शिक्षा सचिव का भी घेराव किया जायेगा. संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश शुक्ला ने कहा कि प्रमाण पत्र सत्यापन का बहाना बनाकर नवनियुक्त शिक्षकों का भयादोहन व आर्थिक शोषण किया जा रहा है, जबकि एक वर्ष पहले ही नवनियुक्त शिक्षकों ने सत्यापन के लिए निर्धारित शुल्क जमा कर दिया है. मौके पर हरिशंकर मिश्रा, शिवशंकर प्रसाद, मनोज मेहता, उपेंद्र पांडेय,
अरविंद कुमार दुबे, अरुण दुबे, ज्योति प्रकाश, ब्रजेश सिंह, संत कुमार तिवारी, संजीत कुमार, अर्पण कुमार, दीपक कुमार, उपेंद्र, ब्रजेश पांडेय, मनोज कुमार, अरविंद गुप्ता, बीरेंद्र कुमार, संजय सिंह, नागेंद्र कुमार, अजय कुमार झा, अभिषेक, सूर्यप्रकाश, पूनम कुमारी सहित काफी संख्या में शिक्षक शामिल थे.