झारखंड: नकली नोटों का धंधा करने वाले चार आरोपी अरेस्ट, 29 हजार के नकली नोट भी बरामद
गुप्त सूचना के आधार पर इस नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश हो सका. जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि शहर के ओवरब्रिज के नीचे कुछ लोग नकली नोट का लेनदेन कर सकते हैं, वैसे ही टीम गठित कर इलाके की घेराबंदी की गयी. सादे ड्रेस में की गई इस घेराबंदी को अपराधी समझ नहीं पाए और पुलिस ने उन्हें दबोच लिया.
पलामू, सैकत चटर्जी: पलामू पुलिस ने नकली नोटों के धंधे में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से नकली नोट (500 रुपए के 58 नकली नोट यानी 29,000 रुपये) बरामद किए गए है. काफी लंबे समय के बाद पलामू में नकली नोटों के कारोबार का मामला प्रकाश में आया है. जहां एक ओर पुलिस महकमा इस पर नकेल कसने में जुट गया है, वहीं दूसरी ओर इस खबर के फैलते ही आम लोग सकते में आ गए हैं की कहीं इस नकली नोट का शिकार वे तो अनजाने में नहीं हो गए हैं.
जानिए कैसे धराया जाली नोट
गुप्त सूचना के आधार पर इस नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश हो सका. जैसे ही पुलिस को सूचना मिली कि शहर के ओवरब्रिज के नीचे कुछ लोग नकली नोट का लेनदेन कर सकते हैं, वैसे ही सदर एसडीपीओ ऋषभ गर्ग के निर्देश पर टीम बनाते हुए इलाके की घेराबंदी की गयी. सादे ड्रेस में की गई इस घेराबंदी को अपराधी समझ नहीं पाए और पुलिस ने उन्हें दबोच लिया.
पहले घबराए, फिर भागने की कोशिश की
पहले तो तय समय पर नकली नोट के धंधे में शामिल चारों अपराधी एक जगह जमा हुए. मौका देख जैसे ही पुलिस ने उनकी घेराबंदी की, अपराधी घबरा गए. जैसे ही उन्हें यह समझ आई कि वे पुलिस के चंगुल में फंस गए हैं, वैसे ही वे भागने की कोशिश करने लगे. पुलिस की प्लानिंग इतनी दुरुस्त थी कि अपराधियों की एक न चली और उन्हें हार माननी पड़ी. पुलिस ने चारों को गिरफ्तार करने के बाद नकली नोट भी अपने कब्जे में ले लिया.
अपराधियों के पास से क्या मिला
गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस को 500 रुपए के 58 नकली नोट (29,000 रुपये) मिला है. इसके अलावा चारों अपराधियों के पास से एक-एक मोबाइल (कुल चार) भी बरामद किया गया है.
पलामू के हैं अपराधी
नकली नोट के धंधे में संलिप्त जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें पलामू के मोहम्मदगंज के रहने वाले विमलेश कुमार (38 वर्ष) और संदीप कुमार पासवान (38 वर्ष), मेदिनीनगर के कांदु मोहल्ला के रहने वाले राजू रंजन उर्फ मुकेश दुबे (35 वर्ष) एवं मेदिनीनगर के ही रेड़मा बिजली कॉलोनी के पीछे के रहने वाले राम नरेश सिंह (55 वर्ष) शामिल हैं. इनकी आपराधिक गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है. नकली नोट के धंधे में शामिल अपराधियों पर शहर थाना कांड संख्या 22 / 2023, दिनांक 02.09.2023, धारा 489 A / 489 B / 489 C भादवि के तहत मामला दायर कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
एसबीआई शाखा प्रबंधक ने की नकली नोटों की पुष्टि
मेदिनीनगर के भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक ने पुलिस द्वारा बरामद किए गए 500 के 58 नोटों को जांच के बाद नकली होने की पुष्टि की. नकली नोटों की बरामदगी के बाद बैंकों में भी विशेष हिदायत दी गई है कि नोटों के जमा व निकासी में खास ध्यान रखा जाए व कुछ भी संदेह होने पर तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचित करें. बैंक अधिकारियों की मानें तो नोटबंदी के बाद पलामू में फिर से एकबार एक साथ इतने सारे नकली नोटों के पकड़े जाने पर हर कोई अपने स्तर से सावधानी बरत रहा है. बैंक अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे 500 के नोटों के लेनदेन में सावधानी बरतें.
पुलिस की कार्रवाई से मची खलबली
आम तौर पर मेदिनीनगर का ओवरब्रिज का इलाका शांत ही रहता है. अलबत्ता इधर मादक पदार्थ का सेवन करने वाले भटकते रहते हैं. नकली नोट के कारोबार में शामिल लोगों को पकड़ने के लिए जब अचानक पुलिस एक्शन में आई तो इधर खलबली मच गई. पुलिस के सादे ड्रेस में होने से कुछ देर लोगों को समझ नहीं आया कि मामला क्या है, फिर जब दूसरे पुलिस कर्मी भी एक्शन में आए तो लोग कुछ स्थिर हुए.
ये नोट पलामू में ही छपा या बाहर से आया
पुलिस इस गुत्थी को भी सुलझाने में लगी है कि आखिर ये नकली नोट कहां से आया. इन्हें पलामू में ही छापा गया या फिर कहीं बाहर से इन नोटों को पलामू में मार्केटिंग के लिए लाया गया. अगर यह नोट पलामू में ही छपा तो वो कहां और कब से छप रहा है, यह भी पता लगाने में पुलिस जुटी है. सूत्रों के अनुसार पुलिस इन सभी बिंदुओं पर टीम बनाकर काम कर रही है. इसमें कुछ एक्सपर्ट भी शामिल हैं.