झारखंड : पलामूवासियों के लिए खुशखबरी, अयोध्या की तर्ज पर कोयल तट का होगा कायाकल्प, मिनी चेकडैम की भी स्वीकृति
गर्मी की शुरुआत से ही पानी संकट से त्रस्त पलामू वासियों के लिए एक अच्छी खबर है. जल्द ही पानी की किल्लत से राहत मिलेगी. इसके लिए कारगर उपाय ढूंढ लिए गए हैं. साथ ही कोयल नदी तट को भी अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. ये सब कैसे संभव होगा ये जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर.
पलामू, सैकत चटर्जी : मेदिनीनगर शहर और आसपास के क्षेत्र गर्मी आते ही पानी के लिए संघर्ष करता रहता है. हर दिन जलस्तर नीचे जा रहा है. इसके स्थाई समाधान के लिए मेदिनीनगर नगर निगम द्वारा लगातार कोयल नदी में मिनी बांध बांधने की मांग की जा रही थी. अब जाकर विभाग की ओर से हरी झंडी मिली है. इसके बन जाने से शहर को जल संकट से मुक्ति मिलेगी.
जानिए कैसे मिली मिनी चेकडैम की स्वीकृति
इस संबंध में मेदिनीनगर नगर निगम की महापौर अरुणा शंकर ने प्रभात खबर को बताया कि इस संबंध में प्लान बनाते हुए निगम द्वारा इसे पारित कराया गया. उस पारित पत्र को केंद्र और राज्य सरकार के स्वच्छ गंगा मिशन को भेजा गया. स्वच्छ गंगा मिशन के तहत इस योजना को लेने की मांग करते हुए पलामू सांसद बीडी राम से भी अनुरोध किया गया था. जिसे अब स्वीकृति मिल गई है.
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने विभागीय पत्र भेजकर दी हरी झंडी
मेयर ने बताया कि खुशी की बात है कि केंद्र सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के डायरेक्टर जनरल अशोक कुमार ने इस संबध में विभागीय पत्र भेजकर योजना को हरी झंडी दे दी है. इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने से शहर को अब जलसंकट से मुक्ति मिलेगी.
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मालूम हो कि देश में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत नदियों को पुनर्जीवित करने, स्वच्छ करने एवं नदियों से जलापूर्ति करने को लेकर काम किया जा रहा है. देश के चुनिंदा शहरों में यह काम हो रहा है. अब मेदिनीनगर में इसके काम शुरू होने के संकेत मिलते ही यह शहर देश के चुनिंदा शहर में शामिल हो गया, जहां गंगा मिशन के तहत काम होगा. झारखंड में चार बड़े शहरों में यह काम चलेगा जिसमें मेदिनीनगर भी शामिल है.
पलामू सांसद ने किया सराहनीय पहल
मेयर अरुणा शंकर ने कहा की स्वच्छ गंगा मिशन के तहत मेदनीनगर नगर निगम अंतर्गत आने वाले कोयल तट का चुनाव किया गया है. इसके लिए पलामू सांसद बीडी राम की पहल सराहनीय रही. इसके अलावा मिशन से जुड़े केंद्र और राज्य सरकार के पदाधिकारी भी बधाई के पात्र हैं जिन्होंने इसकी जरूरत को समझा. उन्होंने कहां कि केंद्र सरकार से भी उन्हें इस योजना को साकार करने में मदद मिली है.
अब अयोध्या की तर्ज पर सजेगा कोयल तट
मेयर ने बताया कि इस मिशन के तहत एक तरफ कई स्टेप पर मिनी बांध बनाए जाएंगे जिससे सालो भर नदी में पानी और नमी बनी रहे. इससे शहर में पानी का लेयर ठीक हो जायेगा. जानवर भी पानी पी सकेंगे. छोटे स्तर पर खेत भी सिंचित हो सकेगा. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने स्वच्छ गंगा मिशन के तहत अयोध्या की तर्ज पर कोयल नदी के दोनों तट को सजाने की योजना को स्वीकृति दी है. इससे कोयल तट जिसमें अभी एकतरफ निगम द्वारा मेरिन ड्राइव बनाया गया है वो और खूबसूरत हो जायेगा.
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