अरगड्डा महाप्रबंधक कार्यालय में तालाबंदी

अरगड्डा: अरगड्डा-सिरका की भूमिगत खदानों को सीसीएल प्रबंधन द्वारा बंद करने के निर्णय के विरोध में क्षेत्र में लोगों में रोष है. नौजवान संघर्ष समिति के बैनर तले मंगलवार को अरगड्डा महाप्रबंधक कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी कर दी गयी. कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 2, 2017 1:10 PM
अरगड्डा: अरगड्डा-सिरका की भूमिगत खदानों को सीसीएल प्रबंधन द्वारा बंद करने के निर्णय के विरोध में क्षेत्र में लोगों में रोष है. नौजवान संघर्ष समिति के बैनर तले मंगलवार को अरगड्डा महाप्रबंधक कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करते हुए तालाबंदी कर दी गयी.

कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. कार्यालय गेट के बाहर सभा की गयी. सभा की अध्यक्षता नौजवान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रणधीर गुप्ता ने की. संचालन कार्तिक महतो ने किया. वक्ताओं ने कहा कि सिरका व अरगड्डा भूमिगत खदान के बंद होने से सीसीएलकर्मियों के अलावा आसपास के रहनेवाले लोगों का जीवन प्रभावित होगा. रोजगार की समस्या उत्पन्न हो जायेगी.

लोगों ने प्रबंधन से सिरका-अरगड्डा भूमिगत खदान को चालू रखने की मांग की. वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में कोयले की अकूत भंडार है. प्रबंधन की उदासीनता के कारण साजिश के तहत क्षेत्र की भूमिगत खदानों को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है. बाद में गिद्दी थाना प्रभारी की उपस्थिति में प्रबंधन के साथ नौजवान संघर्ष समिति की वार्ता हुई. वार्ता में प्रबंधन ने कहा कि जबतक जेसीएससी की बैठक में अरगड्डा सिरका की भूमिगत खदानों को बंद करने के संबंध में फैसला नहीं लिया जाता है, तब तक दोनों खदानों को चालू रखा जायेगा. आश्वासन के बाद तालाबंदी वापस ले ली गयी.

वार्ता में रणधीर गुप्ता, कार्तिक महतो, राजेंद्र सिंह, घनेलाल बेदिया, विरेंद्र गोप, ईश्वर राम, लालू राम, रतन मुंडा, नंदू मल्लिक, अरविंद सिंह शामिल थे. प्रदर्शन में प्रदीप केशरी, राजेंद्र केशरी, राजेंद्र राम, दिनेश महतो, रामराज गुप्ता, संतोष कुमार सहित समिति के कार्यकर्ता व ग्रामीण शामिल थे. इधर, अरगड्डा भूमिगत खदान को प्रबंधन द्वारा बंद करने को लेकर श्रमिक यूनियन के प्रतिनिधि अरगड्डा भूमिगत खदान में भी विरोध प्रदर्शन किया. इसमें श्रमिक नेता अरुण सिंह, सुशील सिन्हा, दीपक, विजेंद्र, नागेश्वर शामिल थे.