कोयला ढुलाई नौ घंटे से ठप
अशोक परियोजना. प्रबंधन के साथ पेटी कांट्रैक्टरों की वार्ता शुरू... प्रबंधन अशोक परियोजना खदान से पर्याप्त मात्रा में कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करे, अन्यथा पूर्व की भांति सीएचपी/सीपीपी परियोजना से बचरा साइडिंग तक कोयला ढुलाई की अनुमति दे पिपरवार: क्षेत्र के पेटी कांट्रैक्टरों ने मंगलवार को सीएचपी/सीपीपी परियोजना से बचरा साइडिंग की कोयला ढुलाई पूर्वाह्न […]
अशोक परियोजना. प्रबंधन के साथ पेटी कांट्रैक्टरों की वार्ता शुरू
प्रबंधन अशोक परियोजना खदान से पर्याप्त मात्रा में कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करे, अन्यथा पूर्व की भांति सीएचपी/सीपीपी परियोजना से बचरा साइडिंग तक कोयला ढुलाई की अनुमति दे
पिपरवार: क्षेत्र के पेटी कांट्रैक्टरों ने मंगलवार को सीएचपी/सीपीपी परियोजना से बचरा साइडिंग की कोयला ढुलाई पूर्वाह्न 10.30 बजे से ठप करा दी. पेटी कांट्रैक्टरों का कहना है कि उनकी गाड़ियां सीएचपी/सीपीपी परियोजना से बचरा साइडिंग की कोयला ढुलाई से जुड़ी है. पिछले 24 फरवरी को पिपरवार महाप्रबंधक के निर्देश पर वहां से चलनेवाले 24 डंपरों को अशोक परियोजना से आरसीएम साइडिंग तक चलने का निर्देश दिया गया. इसके बाद आपसी सहमति से पेटी कांट्रैक्टरों द्वारा सूचीबद्ध 24 डंपरों का कार्ड सीएचपी/सीपीपी से हटा कर अशोक परियोजना में कर दिया. तीन-चार दिनों तक कोयले की ढुलाई आंशिक रूप से हुई,
लेकिन अशोक परियोजना खदान में पर्याप्त कोयला नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानी होने लगी. कोयला नहीं मिलने से कई गाड़ियों को खड़ा करने की नौबत आ गयी. जिससे वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान होने लगा है. अब पेटी कांट्रैक्टरों का कहना यह है कि प्रबंधन अशोक परियोजना खदान से पर्याप्त मात्रा में कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करे, अन्यथा पूर्व की भांति सीएचपी/सीपीपी परियोजना से बचरा साइडिंग तक कोयला ढुलाई की अनुमति दे. इस पर गतिरोध उत्पन्न हो जाने के कारण अपनी मांग पर जोर देने के लिए पेटी कांट्रैक्टरों ने सुबह से कोयला ढुलाई ठप करा दी है. समाचार लिखे जाने तक कोयला ढुलाई चालू नहीं हुई थी. जानकारी के अनुसार पिपरवार प्रबंधन के साथ संबंधित पेटी कांट्रैक्टरों व प्रबंधन के साथ वार्ता चल रही थी.
