माह-ए-रमजान में होती है नेमतों की बारिश

भुरकुंडा : माह-ए-रमजान पर भुरकुंडा कोयलांचल क्षेत्र व ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में रोजेदार रोजा रख रहे हैं. इनमें बच्चे भी शामिल हैं. प्रतिदिन सेहरी के बाद दिनभर उपवास रखते हुए शाम को इफ्तार के साथ उनकी रोजा पूरी हो रही है. कई जगहों पर सामूहिक रुप से इफ्तार का आयोजन हो रहा है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 9, 2019 1:21 AM

भुरकुंडा : माह-ए-रमजान पर भुरकुंडा कोयलांचल क्षेत्र व ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में रोजेदार रोजा रख रहे हैं. इनमें बच्चे भी शामिल हैं. प्रतिदिन सेहरी के बाद दिनभर उपवास रखते हुए शाम को इफ्तार के साथ उनकी रोजा पूरी हो रही है. कई जगहों पर सामूहिक रुप से इफ्तार का आयोजन हो रहा है. भीषण गरमी के बावजूद रोजेदारों के हौसले बुलंद हैं. क्षेत्र के विभिन्न मदरसों में सामूहिक इफ्तार के लिए रोजेदार जुट रहे हैं.

भुरकुंडा के जामा मस्जिद समेत सेंट्रल सौंदा, सौंदा डी, रिवर साइड, चैनगड़ा, बलकुदरा, चिकोर, महुआ टोला, लपंगा बस्ती मस्जिदों में रमजान के अवसर पर तरावीह की नमाज में भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं. रोजा को लेकर मुस्लिम धर्मावलंबियों में खासा उत्साह है. हालांकि फलों व इफ्तार सामग्री की बढ़ी कीमतें इफ्तार दावत को फीका बना रही है. वर्तमान में बाजार में सेब दो सौ रुपये किलो बिक रहा है. अंगूर सौ रुपये किलो, संतरा डेढ़ सौ रुपये किलो, खजूर 80 से लेकर दो सौ रुपये पैकेट बिक रहा है. केले की कीमत 50 रुपये दर्जन है. रमजान के महीने में क्षेत्र में महफिल-ए-मिलाद का भी आयोजन हो रहा है.

रमजान में होती है नेमतों की बारिश : अनवर : भुरकुंडा स्थित मदरसा गुलशन-ए-रजा के प्राचार्य मौलाना अनवर हुसैन कादरी ने कहा कि माह-ए-रमजान में अल्लाह की तरफ से नेमतों की बारिश होती है. अल्लाह बेहिसाब नेमतें बरसाता है. इसलिए हमें इस महीने की कद्र करते हुए इसकी कीमत पहचाननी चाहिए.
हमें अपने गुनाहों से तौबा कर मगफिरत (गुनाहों की माफी) मांगनी चाहिए. मौलाना ने कहा कि इस महीने में अल्लाह अपनी रहमतों के दरवाजे खोल देता है. इस महीने में की जानेवाली इबादत अपना अलग महत्व रखती है. कहा कि रोजेदार अपनी दिनचर्या में कुरआन की तिलावत को शामिल करें. ज्यादा से ज्यादा जकात करें.