एक लाख वनवासी गांव में पहुंच चुका है एकल अभियान : वासुदेव
रामगढ़ : जिस प्रकार भगवान राम ने वनवासियों को शिक्षित किया और आत्म सम्मान के साथ जीना सिखाया और अपने धर्म और संस्कृति का ज्ञान देकर अपने सेना में शामिल किया. उक्त बातें रांची से आये एकल अभियान के अंतर्गत हरि कथा समिति के प्रांतीय अधिकारी वासुदेव बाला ने मंगलवार को मुरार्मकला में संच सम्मेलन […]
रामगढ़ : जिस प्रकार भगवान राम ने वनवासियों को शिक्षित किया और आत्म सम्मान के साथ जीना सिखाया और अपने धर्म और संस्कृति का ज्ञान देकर अपने सेना में शामिल किया. उक्त बातें रांची से आये एकल अभियान के अंतर्गत हरि कथा समिति के प्रांतीय अधिकारी वासुदेव बाला ने मंगलवार को मुरार्मकला में संच सम्मेलन के दौरान मंगलवार को कही.
उन्होंने कहा कि इस सेना ने अति बलशाली रावण को भी धूल चटा दिया. यही काम 30 साल पहले झारखंड से ही शुरू किया गया एकल अभियान कर रहा है. आज एकल भारत पूरे भारत के वनवासियों को संस्कार युक्त शिक्षा और स्वास्थ्य प्रदान कर रहा है. आरएसएस के जिला सह संघचालक शत्रुघ्न प्रसाद ने कहा कि आज पूरे विश्व में एकल अभियान किसी नाम का मोहताज नहीं है.
इस अभियान के माध्यम से भारत के एक लाख वनवासी गांव में संस्कार युक्त पंचमुखी शिक्षा दी जा रही है. इसमें उन गांव का हर एक व्यक्ति चाहे लाभान्वित हो रहा है. आगे उन्होंने कहा कि एकल अभियान पंचमुखी शिक्षा की बात करता है. इसमें प्राथमिक शिक्षा ग्राम विकास आरोग्य फाउंडेशन सत्संग हरि कथा की बात की जाती है.
जिससे लोग शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति को भी जान पाते हैं. इस दौरान आरएसएस के रामगढ़ जिला सह संघचालक शत्रुघ्न प्रसाद, एकल अभियान अंचल समिति के अध्यक्ष रितेश कुमार, कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, श्रीहरि कथा समिति के अध्यक्ष भास्कर अग्रवाल, सह सचिव प्रवीण अग्रवाल, आरोग्य फाउंडेशन के उपाध्यक्ष डॉ सुधीर आर्य, व्यवस्था प्रमुख संतोष साहू, मीडिया प्रभारी राजीव रंजन, उपाध्यक्ष वेद प्रकाश एवं गोदावरी देवी मुख्य रुप से मंचासीन थे. कार्यक्रम का शुभारंभ भारत एवं सरस्वती माता की तस्वीर के सामने दीप प्रज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम के अंत में आये हुए सभी लोगों के बीच हनुमान चालीसा का वितरण किया गया.
इस दौरान अभियान प्रमुख चंद्रशेखर, फागु महतो, अजीत महतो, वीरेंद्र महतो, राजकिशोर, रीता कुमारी, जयकुमार सहित एकल अभियान रामगढ़ अंचल के कुजू, मांडू एवं रामगढ़ संच से 90 गांव से आए आचार्यों सहित 300 से अधिक कार्यकर्ता मौजूद थे.
