सरकार कोयला उद्योग को निजीकरण करना चाहती है : मिथिलेश
फोटो 24गिद्दी1-विरोध प्रदर्शन करते मजदूर नेता व अन्य गिद्दी(हजारीबाग). सीटू से संबद्ध बीसीकेयू व एनसीओइए ने सोमवार को रैलीगढ़ा, गिद्दी व गिद्दी वाशरी परियोजना में विरोध प्रदर्शन किया. बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के वरिष्ठ नेता मिथिलेश सिंह ने कहा कि कोयला मंत्रालय के सचिव से आश्वासन पर पिछले दिन कोल इंडिया में 24 नवंबर की […]
फोटो 24गिद्दी1-विरोध प्रदर्शन करते मजदूर नेता व अन्य गिद्दी(हजारीबाग). सीटू से संबद्ध बीसीकेयू व एनसीओइए ने सोमवार को रैलीगढ़ा, गिद्दी व गिद्दी वाशरी परियोजना में विरोध प्रदर्शन किया. बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के वरिष्ठ नेता मिथिलेश सिंह ने कहा कि कोयला मंत्रालय के सचिव से आश्वासन पर पिछले दिन कोल इंडिया में 24 नवंबर की प्रस्तावित हड़ताल को तीन यूनियनों ने टाल दिया है, जबकि सीटू ने इस पर विरोध जताया है. सीटू ने समझौते पर हस्ताक्षर भी नहीं किया है. उन्होंने कहा कि सरकार कोयला उद्योग को निजीकरण करना चाह रही है. एनसीओइए के क्षेत्रीय सचिव अरुण कुमार सिंह ने कहा कि कोयला उद्योग में मजदूरों के लिए यह एक लंबी लड़ाई है. मजदूरों की व्यापक एकता बनाये रखने के लिए सीटू ने फिलहाल विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है. इस मौके पर बीसीकेयू के धनेश्वर तुरी आदि ने भी अपनी बातें रखी. इस अवसर पर अनिल बेदिया, चंद्रशेखर सिंह, मो साबिर, भगवान गोप, जगदीश, शत्रुघ्न तांती, नान्हू पाल, कामेश्वर महतो, अमृतराम प्रजापति, परमेश्वर लोहार, शंभु, गौतम बनर्जी, देवनाथ महली आदि उपस्थित थे.
