78 साल की उम्र में भी खेतों में कड़ी मेहनत

हेडलाइन…मिश्रित खेती में मिसाल कायम की है रघुनंदन ने25 चितरपुर सी. मकई दिखाते रघुनंदन चितरपुर. अगर हौसले बुलंद हों व मेहनत करने का जज्बा हो, तो उम्र आड़े नहीं आती. इस बात को साबित किया है मारंगमरचा के सेवानिवृत्त चालक 78 वर्षीय रघुनंदन राम भंडारी ने. उम्र के आठवें दशक में भी वे कृषि से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 25, 2015 10:04 PM

हेडलाइन…मिश्रित खेती में मिसाल कायम की है रघुनंदन ने25 चितरपुर सी. मकई दिखाते रघुनंदन चितरपुर. अगर हौसले बुलंद हों व मेहनत करने का जज्बा हो, तो उम्र आड़े नहीं आती. इस बात को साबित किया है मारंगमरचा के सेवानिवृत्त चालक 78 वर्षीय रघुनंदन राम भंडारी ने. उम्र के आठवें दशक में भी वे कृषि से लगाव रखे हुए है. वेे एक एकड़ भूमि में मिश्रित खेती कर रहे हैं. जिसमें खास कर मकई की खेती लहलहा रही है. इसके अलावा वे अपनी भूमि पर कद्दू, कोहड़ा, भिंडी, करैला, नेनुआ, झिंगी सहित कई मिश्रित खेती भी कर रहे है. श्री भंडारी ने बताया कि खेती करने में उन्हें लगभग 8 -10 हजार रुपये लागत आयी है. कहा कि अच्छी उपज हुई, तो इससे वे 40 – 50 हजार रुपया आय अर्जित करेंगे. वे प्रतिवर्ष अपने आसपास के क्षेत्रों में पेड़, पौधे लगा कर पर्यावरण की रक्षा कर रहे है. श्री भंडारी गोला प्रखंड कार्यालय में चालक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. श्री भंडारी ने अपनी बागवानी भी लगायी है.