ओके…मतगणना 13 को, बढ़ती जी रही प्रत्याशियों व समर्थकों बेताबी

अोके…मतगणना 13 को, बढ़ती जी रही प्रत्याशियों व समर्थकों बेताबी हेडलाइन…चाय की चुस्की के साथ चल रहे हैं कयास के तीर चैनपुर. स्थान बड़गांव का तिवारी होटल. समय सुबह के करीब छह बजे. होटल संचालक आरके तिवारी अपने ग्राहकों को चाय पिलाने में व्यस्त हैं. यहां चाय पीने के लिए बड़गांव पंचायत के विभिन्न टोलों, […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 9, 2015 10:18 PM

अोके…मतगणना 13 को, बढ़ती जी रही प्रत्याशियों व समर्थकों बेताबी हेडलाइन…चाय की चुस्की के साथ चल रहे हैं कयास के तीर चैनपुर. स्थान बड़गांव का तिवारी होटल. समय सुबह के करीब छह बजे. होटल संचालक आरके तिवारी अपने ग्राहकों को चाय पिलाने में व्यस्त हैं. यहां चाय पीने के लिए बड़गांव पंचायत के विभिन्न टोलों, मुहल्लों से लोग पहुंचे हुए हैं. सभी लोग चाय की चुस्की के साथ- साथ चार दिन पहले संपन्न हुए पंचायत चुनाव का विश्लेषण करने में मशगूल हैं. मुखिया में कौन जीतेगा और कौन हारेगा, सरपंच कौन बनेगा तथा कौन सा वार्ड सदस्य प्रत्याशी अपने प्रतिद्वंद्वी को चुनाव में पटकनी देगा, इसकी चर्चा करने में लोग लगे हुए हैं. कोई कह रहा है कि मुखिया में फलां की जीत सुनिश्चित है, तो कोई किसी अौर की जीत का दावा कर रहा है. कोई कह रहा है कि फलां के पक्ष में उनकी जाति तथा एक वर्ग की एक जाति का 80 फीसदी वोट पड़ा है. साथ ही अन्य जातियों से भी उसे अच्छा खासा वोट मिला है, इसलिए उसकी जीत पक्की है. दूसरे व्यक्ति का कहना है कि फलां को पंचायत की एक जाति, जिसके मतदाता सर्वाधिक हैं, उसका सबसे ज्यादा वोट पड़ा है. साथ ही सभी जातियों का वोट उसे अन्य के मुकाबले में ज्यादा मिला है. इसलिए उसकी जीत तय है. तीसरे शख्स की जीत का दावा करने वाले कहना है कि उसे पूरी बड़गांव पंचायत में सभी जाति वर्ग के लोगों का मत मिला है. इसलिए वे सभी को पछाड़ कर चुनाव जीतेंगे. इधर चुनाव में खड़े अन्य मुखिया प्रत्याशी के समर्थक भी अपने -अपने स्तर से जीत का दावा कर रहे हैं. यह दृश्य केवल यहीं का नहीं, बल्कि लगभग क्षेत्र की सभी पंचायतों का है. लोग अपने राजनीतिक ज्ञान को दूसरे के सामने बखार रहे हैं. कहीं, कहीं तो जीत- हार पर शर्त भी लग रही है. प्रत्याशी व उनके समर्थक चुनाव संपन्न होने के बाद राहत की सांस ले रहे हैं. लगभग एक माह तक लगातार चुनाव प्रचार में परिश्रम करने के बाद वे हल्का महसूस कर रहे हैं. वहीं आम लोगों को चुनाव संपन्न होने बाद अपने- अपने कार्यों में मशगूल होते देखा गया. बहरहाल आगामी 13 दिसंबर को होने वाली मतगणना की प्रतिक्षा लोग बड़ी बेसब्री से कर रहे हैं.