रेलवे ने रोकी दामोदर की धारा

उरीमारी : कोयलांचल की लाइफ लाइन दामोदर की धारा रुक गयी है. रेलवे ने अपने लिए पानी की व्यवस्था करने हेतु सफेद टंकी के पास नदी को बोरे में बालू भर कर बांध दिया है. इसके कारण नदी के नीचले इलाके उरीमारी, सयाल, पोड़ा की ओर पानी का बहाव रुक गया है. इसका असर उरीमारी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 23, 2016 5:27 AM
उरीमारी : कोयलांचल की लाइफ लाइन दामोदर की धारा रुक गयी है. रेलवे ने अपने लिए पानी की व्यवस्था करने हेतु सफेद टंकी के पास नदी को बोरे में बालू भर कर बांध दिया है. इसके कारण नदी के नीचले इलाके उरीमारी, सयाल, पोड़ा की ओर पानी का बहाव रुक गया है. इसका असर उरीमारी व सयाल समेत सीसीएल की अन्य कॉलोनियों में नदी से होनेवाली जलापूर्ति पर पड़ रहा है.
दामोदर की धारा अवरुद्ध होने से नीचले इलाके के कुआं और चापानल में पानी नहीं आ रहा है. पूरे कोयलांचल और ग्रामीण क्षेत्र की आबादी इसी नदी पर निर्भर है. इस समस्या से निबटने के लिए सयाल और उरीमारी परियोजना ने डोजर मशीन के माध्यम से चोभा बना कर ग्रामीणों के लिए जलापूर्ति शुरू की है. ज्ञात हो कि उरीमारी पेयजल के लिए पूरी तरह से दामोदर नदी पर ही निर्भर है.
43 डिग्री के पार पारा
बरका-सयाल में पारा 43 डिग्री तक पहुंच गया है. सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है. लू के थपेड़ों से लोग परेशान हैं. तेज गरमी और लू का असर बाजार समेत खुली खदान के कार्यों पर भी पड़ रहा है.
उरीमारी खुली खदान, बिरसा खुली खदान, न्यू बिरसा खुली खदान व सीसीएल के विभिन्न खदानों के ऊपरी हिस्से में मजदूरों को कार्य करने में परेशानी उठानी पड़ रही है. इसका सीधा असर उत्पादन पर भी पड़ रहा है. सुबह विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारी दोपहर में भोजन के लिए वापस घर नहीं आ रहे हैं. सड़कों पर यात्री वाहनों का भी परिचालन कम देखा जा रहा है. बढ़ती गरमी के कारण स्कूलों के प्रबंधन ने समय में डेढ़ से दो घंटे तक की कटौती की है.