फिर शुरू हुआ गैंगवार का सिलसिला

पतरातू : पतरातू क्षेत्र में एक बार फिर से गैंगवार का सिलसिला शुरू हो गया है. इससे क्षेत्र में दहशत कायम है. पुराने प्रतिद्वंदी भोला पांडेय गिरोह व सुशील श्रीवास्तव गुट फिर से एक बार आमने-सामने है. दोनों गुट के गुर्गे मंगलवार देर शाम से एक-दूसरे के समर्थकों पर गोलियां बरसा रहे हैं. पहली घटना […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 15, 2016 5:35 AM
पतरातू : पतरातू क्षेत्र में एक बार फिर से गैंगवार का सिलसिला शुरू हो गया है. इससे क्षेत्र में दहशत कायम है. पुराने प्रतिद्वंदी भोला पांडेय गिरोह व सुशील श्रीवास्तव गुट फिर से एक बार आमने-सामने है. दोनों गुट के गुर्गे मंगलवार देर शाम से एक-दूसरे के समर्थकों पर गोलियां बरसा रहे हैं.
पहली घटना सौंदा बस्ती में हुई. इसमें दो लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए. इसके कुछ घंटे के बाद पतरातू मसजिद के पास शाहनवाज को निशाना बनाया गया.
बुधवार को रोचाप के दिलावर को मारने की कोशिश की गयी. उसके बाद बुधवार की शाम चौथी घटना चेतमा में दो निर्दोष लोग भी ऐसे ही अपराधियों की गोली के शिकार हो गये.
इनमें एक की मौत हो गयी. जबकि दूसरा जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है. इसमें पहली घटना में घायल लोग पांडेय गिरोह के नजदीकी हैं. तो दूसरी व तीसरी घटना के भुक्तभोगी पर श्रीवास्तव गुट का ठप्पा होने की बात सामने आ रही है. जिस तरह का तेवर दोनों गुट अपना रहे हैं उससे प्रबल संभावना है कि पतरातू क्षेत्र एक बार फिर रक्तरंजित होगा. इसमें कई लोगों की जान जा सकती है. इस तरह की घटना पूर्व में भी कई बार हो चुकी है. प्रतिशोध की इस बलि वेदी पर दोनों गुट से कई लोग अब तक चढ़ चुके हैं. करीब एक साल पूर्व किशोर पांडेय के पिता कामेश्वर पांडेय की हत्या के बाद से क्षेत्र में कोई बड़ी वारदात नहीं हुई थी. अब ताजातरीन घटनाओं को बड़ी वारदात की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है. जिसकी जद में क्षेत्र के ठेकेदार, व्यवसायी, नेता भी आ सकते हैं. दोनों गुटों की टकराहट अब रंगदारी जैसी घटनाओं से आगे निकल कर एक-दूसरे का सफाया करने पर केंद्रित हो चुकी है.
पूर्व में भी ऐसी घटना होती रही है. जब दोनों अपराधी गुट एक-दूसरे के वैसे लोगों को भी निशाना बनाते रहे हैं, जिनका अपराध की दुनिया से कोई वास्ता नहीं रहा है. इनका कसूर सिर्फ इतना होता था कि या तो वे दोनों गुटों के शीर्ष लोगों के सगे-संबंधी या फिर नजदीकी थे.