महिला सशक्तीकरण से तेज होगा विकास
रामगढ़ : विनोबा भावे विश्वविद्यालय द्वारा प्रायोजित महिला सशक्तीकरण पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार गुरुवार को संपन्न हुआ. समापन समारोह के मुख्य अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ एमपी सिन्हा थे. महिला सशक्तिकरण पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में महिलाओं की पूर्व व वर्तमान स्थिति पर व्यापक चर्चा की गयी. मौके पर मुख्य […]
रामगढ़ : विनोबा भावे विश्वविद्यालय द्वारा प्रायोजित महिला सशक्तीकरण पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार गुरुवार को संपन्न हुआ. समापन समारोह के मुख्य अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ एमपी सिन्हा थे. महिला सशक्तिकरण पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में महिलाओं की पूर्व व वर्तमान स्थिति पर व्यापक चर्चा की गयी.
मौके पर मुख्य अतिथि प्रति कुलपति एमपी सिन्हा ने कहा कि महिलाओं के आस्तित्व की रक्षा के लिए विपरीत धाराओं में चल कर संघर्ष करना होगा. महिलाओं को सशक्त करने की आवश्यकता नहीं है. उन्हें तो ऊपरवाले ने ही सशक्त बनाया है. डॉ सिन्हा ने कहा कि स्त्री हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग हैं. उन्होंने संस्कृति के चार अध्याय के माध्यम से स्त्रियों की दशा पर प्रकाश डाला. पहला वैदिक, दूसरा बुद्ध संस्कृति, तीसरा परिवर्तन मुसलिमों के भारत आगमन तथा चौथा परिवर्तन अंग्रेजों के आगमन के बाद स्त्रियों की दशा में हुई. डा सिन्हा ने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण से राष्ट्र के विकास को गति मिलेगी. समारोह की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ केके पंडित ने व संचालन डॉ आरवीपी देव ने किया. वहीं धन्यवाद ज्ञापन डा सीटीएन सिंह ने दिया. सेमिनार मे शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा व अन्य लोग मौजूद थे.
कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे: महिला सशक्तीकरण पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में डॉ नरेंद्र प्रसाद ने डायन प्रथा पर, उज्वल राय ने या देवी सर्व भूतेषू के माध्यम से स्त्रियों की स्थिति पर, डॉ प्रीति कमल ने वैदिक काल के गार्गी अैर कैकेयी का उदाहरण देकर महिला सशक्तीकरण पर अपने विचार रखे. इनके अलावा डॉ सुनील कुमार अग्रवाल, बलवंती मिंज आदि ने भी अपने विचार प्रकट किया. सेमिनार में भाग लेने वालों व आयोजन में योगदान देनेवालों को मुख्य अतिथि प्रति कुलपति डा एमपी सिन्हा ने प्रमाण पत्र प्रदान किया.
