विस्थापितों ने काम ठप किया
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निजी सुरक्षा गार्ड में नियुक्ति की मांग को लेकर
कुजू : सीसीएल में निजी सुरक्षा गार्ड में विस्थापितों को बहाली करने की मांग को लेकर आरा, बगलत्ता व सारूबेड़ा के रैयत विस्थपितों ने शनिवार को सारूबेड़ा परियोजना की थ्री सी खदान, फीडर ब्रेकर व आइडब्लुएसपी का कामकाज चार घंटे तक बंद करा दिया. बाद में परियोजना पदाधिकारी एस अंसारी ने 11 फ रवरी को महाप्रबंधक के साथ विस्थापितों की वार्ता कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद काम शुरू हुआ.
आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई पहल : इस संबंध में रैयत विस्थापितों का कहना है कि उन लोगों ने 15 सितंबर 2013 को सारूबेड़ा परियोजना पदाधिकारी को आवेदन दिया था. इसमें रैयत विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर निजी सुरक्षा गार्ड में बहाली करने की मांग की गयी थी. इसके बाद फिर 27 जनवरी 2014 को परियोजना पदाधिकारी को आवेदन दिया गया था. इसके बाद रैयतों विस्थापितों व प्रबंधन के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में विस्थापितों को प्राथमिकता के आधार पर निजी सुरक्षा गार्ड में रखने की बात कही गयी थी. लेकिन उक्त निर्णय पर पहल नहीं हुई.
इसके बाद सात फरवरी को सारूबेड़ा परियोजना पदाधिकारी को फिर आवेदन दिया गया. इसमें आठ फरवरी से अनिश्चितकालीन आंदोलन करने की चेतावनी दी गयी. आंदोलन करनेवालों में रोहन महतो, जगदीश महतो, सुनील महतो, संतोष महतो, अशोक महतो, गोपाल महतो, पारस महतो, संग्राम मांझी, कार्तिक मांझी, बिरजु मांझी, बसंत सोरेन, महेश हेंब्रोम, बालेश्वर महतो, नकुल चौधरी, देवधारी महतो, बैजनाथ महतो, सुरेंद्र महतो आदि शामिल थे.