आंदोलन की रणनीति बनायी गयी

19 को अरगडा में तथा 20 अप्रैल को सिरका में पीट मीटिंग होगी गिद्दी(हजारीबाग) : सीसीएल प्रबंधन ने अरगडा व सिरका भूमिगत खदान को बंद करने का निर्णय लिया है. इन दोनों भूमिगत खदानों को बंद से बचाने के लिए संयुक्त श्रमिक संगठनों ने प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय लिया है. संयुक्त मोरचा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 18, 2017 8:11 AM
19 को अरगडा में तथा 20 अप्रैल को सिरका में पीट मीटिंग होगी
गिद्दी(हजारीबाग) : सीसीएल प्रबंधन ने अरगडा व सिरका भूमिगत खदान को बंद करने का निर्णय लिया है. इन दोनों भूमिगत खदानों को बंद से बचाने के लिए संयुक्त श्रमिक संगठनों ने प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय लिया है. संयुक्त मोरचा की बैठक सोमवार को अरगडा जीएम ऑफिस के पास हुई. इसकी अध्यक्षता सुशील कुमार सिन्हा ने की. बैठक में कहा गया कि सिरका व अरगडा भूमिगत खदान को सीसीएल प्रबंधन ने बंद करने का जो फैसला लिया है, वह गलत है. अरगडा भूमिगत खदान में लाखों टन कोयले का भंडार है. यहां पर कई वर्षों तक कोयले का उत्पादन किया जा सकता है. खदान को बंद करना प्रबंधन की साजिश है. कहा गया कि अरगडा व सिरका पुरानी भूमिगत खदान है. अरगडा में भूमिगत खदान 60 के दशक में तथा सिरका में 20 के दशक में खोली गयी थी. प्रबंधन को यह फैसला लेने के पहले ट्रेड यूनियन नेताओं से भी पक्ष लेना चाहिए था. बैठक में इन दोनों भूमिगत खदानों को बचाने के लिए आंदोलन की रणनीति तैयार की गयी.
19 को अरगडा में तथा 20 अप्रैल को सिरका में पीट मीटिंग की जायेगी. 21 अप्रैल को अरगडा महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा जायेगा और भूमिगत खदानों को बंद नहीं करने की मांग की जायेगी. प्रबंधन हमारी बातों को गंभीरता पूर्वक पहल नहीं करेगा, तो आंदोलन किया जायेगा. बैठक में विभिन्न यूनियनों के मजदूर नेता बैजनाथ मिस्त्री, धनेश्वर तुरी, बिजेंद्र प्रसाद, मनोकामना सिंह, वंशी बेदिया, माथुर राम, अरुण कुमार सिंह, अशोक करमाली, नागेश्वर महतो, मो जब्बार, धीरेंद्र कुमार सिंह, जगदीशचंद्र बेदिया, शिवशंकर सोनी उपस्थित थे.