रांची एटीएस व सीआइडी की टीम ने की अमन से पूछताछ

रांची एटीएस व सीआइडी की टीम ने की अमन से पूछताछ

By Prabhat Khabar News Desk | March 6, 2025 10:09 PM

रामगढ़/पतरातू. रांची होटवार जेल से दो दिन की रिमांड पर पतरातू थाना लाये गये श्रीवास्तव गिरोह के सरगना अमन श्रीवास्तव से पहले दिन पूछताछ के लिए रांची से एटीएस व सीआइडी की टीम पहुंची. दोनों टीमों ने अमन से अलग-अलग घंटों तक पूछताछ की. इस दौरान पतरातू एसडीपीओ पवन कुमार के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह, पतरातू थाना प्रभारी एसके गुप्ता, भुरकुंडा प्रभारी निर्भय कुमार गुप्ता, बासल प्रभारी कैलाश कुमार, भदानीनगर प्रभारी ब्रह्मव्रत कुमार, बरकाकाना प्रभारी उमाशंकर वर्मा ने भी पूछताछ की. एटीएस, सीआइडी व पुलिस की पूछताछ के मूल में कोयला क्षेत्र में हो रही आपराधिक घटनाएं थीं. पुलिस जहां हाल के दिन में पतरातू सर्किल क्षेत्र में हुई आपराधिक घटनाओं में श्रीवास्तव गिरोह की भूमिका खंगाल रही थी, वहीं एटीएस व सीआइडी की टीम श्रीवास्तव गिरोह के नाम पर झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में अंजाम दी गयी आपराधिक घटनाओं की पूछताछ में जुटी थी. पुलिस यह भी जानना चाहती थी कि जेल में बंद रहने के बाद भी अमन श्रीवास्तव गिरोह का संचालन किन लोगों के सहयोग से कर रहा है. सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में ऐसे कई खुलासे हुए हैं, जिससे पुलिस को यह पता चला है कि क्षेत्र में रहने वाले कई सफेदपोश इस गिरोह की मदद कर रहे हैं. कुछ फर्जी लोग श्रीवास्तव गिरोह के नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी उगाह रहे हैं. ऐसे लोगों की फेहरिस्त भी बनी है. इस पर जल्द ही पुलिस कार्रवाई करेगी. बहरहाल, पुलिस की इस पूछताछ से ऐसे लोगों की बेचैनी काफी बढ़ गयी है. गैंगस्टर जेल से कर रहे हैं मोबाइल का इस्तेमाल : एटीएस, सीआइडी व पुलिस की पूछताछ के बाद इस बात में कोई संदेह नहीं रह गया है कि जेल में बंद गैंगस्टर मोबाइल फोन का इस्तेमाल धड़ल्ले से करते हैं. मोबाइल के बलबूते ही पूरा नेटवर्क चलाते हैं. कब और कहां वारदात को अंजाम देना है, इसका निर्देश देते हैं. इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए गैंगस्टर वसूली का बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं. ऐसे में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस का प्रयास जेल से ही शुरू होना चाहिए, तभी कोई ठोस नतीजा मिल सकता है. बाप-बेटे ने पतरातू से ही रखा था अपराध की दुनिया में पहला कदम : दिवंगत गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव व उसके पुत्र गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव ने पतरातू थाना क्षेत्र में ही पहली आपराधिक घटना को अंजाम दिया था. अमन से आज उसी पतरातू थाना में ही पूछताछ चल रही है. सुशील ने बतौर पांडेय गिरोह के शूटर 1995 में पतरातू स्टेशन रोड में रहने वाले कमलिया कबाड़ी की हत्या कर अपराध की दुनिया में कदम रखा था. इसके बाद पांडेय गिरोह के पहले सरगना दिवंगत भोला पांडेय के इशारे पर उसने एक-एक कर पतरातू सहित कोयलांचल क्षेत्र में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया. इसके कारण काफी कम समय में वह चर्चित हो गया. इसके बाद उसने अपनी राह अगल करते हुए पांडेय गिरोह से नाता तोड़ लिया. अपना खुद का गैंग बनाकर अपराध को अंजाम देने लगा. उस समय उसके निशाने पर रेलवे व कोयला क्षेत्र के ठेकेदार, रैक लोडर व ट्रांसपोर्टर ही थे, जो ज्यादातर पांडेय गिरोह के असामी थे. इसके कारण दोनों गिरोहों में दुश्मनी की खाई बढ़ती चली गयी. परिणामस्वरूप दोनों गिरोह एक-दूसरे पर हमलावर होते चले गये. श्रीवास्तव गैंग ने पांडेय गिरोह का सफाया करने के लिए पहले पुलिस कस्टडी में मिहिजाम में भोला पांडेय व उसके बाद जमशेदपुर के कदमा में किशोर पांडेय की हत्या कर दी. श्रीवास्तव गिरोह पांडेय गिरोह का सफाया करने के अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सका. विकास तिवारी ने दोनों हत्याओं के बदले हजारीबाग कोर्ट परिसर में सुशील श्रीवास्तव की हत्या कर दी. इस कांड के बाद पांडेय गिरोह की कमान खुद के हाथों में ले लिया. सुशील की हत्या के बाद इस गिरोह का कुनबा बिखरने लगा. इसे संभालने के लिए अमन श्रीवास्तव ने इंट्री की. अपराध की दुनिया में पहला कदम रखते हुए अमन ने किशोर पांडेय के पिता कामेश्वर पांडेय की पतरातू में हत्या करते हुए खुद को गिरोह का सरगना घोषित कर दिया. इसके बाद से वह अंडरग्राउंड होकर गिरोह को संचालित करता रहा. 2023 में अमन को झारखंड व मुंबई पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में मुंबई से पकड़ा गया. उस वक्त से अमन जेल में बंद है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है