श्रद्धालुओं ने सती चरित्र व शिव विवाह की कथा का लिया आनंद
करमा ग्राम के जतराटांड़ में आयोजित श्री श्री 1008 हनुमंत मंदिर प्राण प्रतिष्ठा सह पंच दिवसीय महायज्ञ के दूसरे दिन विदुषी अनुष्का पाठक (उत्तरप्रदेश ) ने सती चरित्र और शिव विवाह की कथा का वर्णन किया
कुजू
. करमा ग्राम के जतराटांड़ में आयोजित श्री श्री 1008 हनुमंत मंदिर प्राण प्रतिष्ठा सह पंच दिवसीय महायज्ञ के दूसरे दिन विदुषी अनुष्का पाठक (उत्तरप्रदेश ) ने सती चरित्र और शिव विवाह की कथा का वर्णन किया. कहा कि सती के चरित्र से तात्पर्य एक ऐसी महिला से है, जो अपने पति के प्रति पूरी तरह समर्पित, निष्ठावान और पवित्र होती है. वह अपने पति के अलावा किसी अन्य पुरुष के बारे में नहीं सोचती. वह अपने जीवन में अपने पति के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण बनाये रखती है. सती शब्द का अर्थ सदाचारी महिला भी है. वहीं उन्होंने शिव विवाह का गुणगान करते हुए कहा कि भगवान शिव नांदिया पर बैठकर विवाह करने गए. इसलिए गृहस्थ जीवन में खुश रहने के लिए अपने धर्म से जुड़ा रहना बेहद जरूरी है. इसमें किसी तरह की आभूषण के प्रति बहुत अधिक लगाव या प्रेम नहीं रखना चाहिए. इससे पूर्व यज्ञाचार्य नरेश पांडेय एवं उनके सहयोगी पंडितो ने यजमान बने मोहरलाल मुंडा, महादेव मुंडा, जगरनाथ मुंडा, सुखलाल महतो, पारसनाथ महतो सपत्नीक को पञ्चांग पूजन, कुंड पूजन, अग्नि स्थापन आदि अनुष्ठान कराया गया. मौके पर परियोजना पदाधिकारी रामेश्वर मुंडा, तापेश्वर महतो, शक्ति कुमार महतो, तेजू राम, संरक्षक धनेश्वर महतो, अशोक कुमार मुंडा, दशरथ मुंडा, अध्यक्ष नरेश मुंडा, उपाध्यक्ष जितेंद्र महतो, सचिव मोहरालाल महतो, सह सचिव बृजलाल महतो, कोषाध्यक्ष सुभाष मुंडा, समाजसेवी गुड्डू वर्मा, माथुर सोनी, बालेश्वर महतो, किन्नू राम, डोमन ठाकुर, पंकज महतो, मनपुरन सोनी, दुलारचंद महतो, मनीष कुमार मुंडा, गोपाल महतो, रामलाल साव, चंदन मुंडा, करण मुंडा, मानेश्वर मुंडा, संतोष कुमार मुंडा मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
