अमन को आपराधिक दुनिया के ग्लैमर ने बनाया गैंगस्टर

अमन को आपराधिक दुनिया के ग्लैमर ने बनाया गैंगस्टर

By Prabhat Khabar News Desk | March 7, 2025 10:11 PM

रामगढ़/पतरातू. दो दिनों की रिमांड पर पतरातू थाना लाये गये गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव से दूसरे दिन भी काफी कड़ाई से पूछताछ की गयी. शुक्रवार को पतरातू थाने में स्वास्थ्य जांच कराने के बाद उसे दिन के करीब डेढ़ बजे कड़ी सुरक्षा के बीच रामगढ़ एसपी कार्यालय ले जाया गया. यहां एसपी अजय कुमार ने कई मामलों में अमन से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान कई नये खुलासे हुए. अमन ने पतरातू रेलवे फाटक के समीप 10 दिसंबर 2024 को ओवरब्रिज निर्माण में लगी पोकलेन मशीन पर फायरिंग मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. अमन ने पूछताछ में बताया कि उसके कहने पर ही रांची, कोकर थाना क्षेत्र के साहिल सिंह व लालपुर थाना क्षेत्र के राहुल वर्मा ने वारदात को अंजाम दिया था. अमन से पूछताछ में उसके गिरोह से जुड़े लोगों, गिरोह के सहयोगियों, पुराने अपराधियों के बारे में भी पुलिस को जानकारी मिली है. पुलिस ऐसे लोगों पर जल्द कार्रवाई करेगी. एसपी ने बताया कि अमन पर 34 केस दर्ज है. उस पर दर्ज सभी केसों के संबंध में पुलिस पदाधिकारी पूछताछ कर चुके हैं. पूछताछ में जो जानकारी मिली है, उसका दस्तावेजीकरण कर लिया गया है. आगे के अनुसंधान में इन जानकारियों को शामिल किया जायेगा. अमन से पूछताछ के बाद उसे रांची होटवार जेल भेज दिया गया. ग्लैमर ऐसा भाया कि एक-एक कर उस पर 34 मामले दर्ज हो गये : एक पढ़े-लिखे नौजवान को आपराधिक दुनिया का ग्लैमर ऐसा भाया कि एक-एक कर उस पर 34 मामले दर्ज हो गये. बनना कुछ और चाहता था, लेकिन अपराध की दलदल में ऐसा डूबा कि सलाखों के पीछे चला गया. यहां से निकलने की गुंजाइश फिलहाल तो दूर-दूर तक नहीं दिख रही है. गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव ने पुलिसिया पूछताछ में अपने जीवन की कई ऐसी बातों का खुलासा किया है. इसमें सबसे खास है अपराध की दुनिया में उसका पदार्पण. पुलिस सूत्रों की मानें, तो अमन ने बताया कि वह हमेशा अपराध की दुनिया से दूर रहा. गैंगस्टर पिता सुशील श्रीवास्तव भी उसे हमेशा अपराध की दुनिया से दूर रखते थे. पुलिस को उसने बताया कि दो जून 2015 को जिस अंदाज में उसके पिता को हजारीबाग कोर्ट परिसर में गोलियों से भून दिया गया, उससे वह विचलित हो उठा. उसने मन में बदले की भावना घर कर गयी. इसी बदले की योजना पर वह काम करने लगा. उसका इरादा केवल पिता की हत्या का बदला लेना भर था, लेकिन 27 अक्तूबर 2015 को पतरातू में गैंगस्टर किशोर पांडेय के पिता कामेश्वर पांडेय की हत्या करने के बाद पूरी परिस्थिति बदल गयी. उसने अपना बदला, तो पूरा कर लिया था, लेकिन इस हत्याकांड ने उसे एक नये मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया. जहां श्रीवास्तव गिरोह से जुड़े लोग उसे आका मानने लगे. इस ग्लैमर भरी दुनिया के रूतबे व दौलत की चकाचौंध में वह पूरी तरह खोता चला गया.

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