21बीएचयू0001-विद्यार्थियों को संबोधित करते बीडीओ. कठिन मेहनत बनाती है परीक्षाओं को आसान : बीडीओ. भुरकुंडा. राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस के अवसर पर सोमवार को श्री अग्रसेन स्कूल भुरकुंडा में सम्मान कार्यक्रम का आयोजन हुआ. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पतरातू बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता ने क्लास 12 के विद्यार्थियों को संबोधित किया. बीडीओ श्री गुप्ता ने कहा कि सिविल सेवा दिवस सिविल सेवकों के लिए नागरिकों के हित में खुद को फिर से समर्पित करने, सार्वजनिक सेवा व कार्य में उत्कृष्टता के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है. सरकारी सेवक नीतियों के क्रियान्वयन व सुशासन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है. श्री गुप्ता ने बच्चों को मोटिवेट करते हुए कहा कि कोई भी परीक्षा आसान नहीं होती है. लेकिन यदि समर्पण भाव से तैयारी करें, तो यह कठिन भी नहीं होती है. आपकी सफलता इस बात पर निर्भर है कि आप अपने लक्ष्य के प्रति कितनी ईमानदारी से मेहनत कर रहे हैं. बीडीओ ने विद्यार्थियों को यूपीएससी, जेपीएससी, बीपीएससी व अन्य परीक्षाओं की तैयारी, इनके सिलेबस, तैयारी के लिए पढ़ाई के घंटे आदि पर चर्चा की. साथ ही साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स के क्षेत्र में कॅरियर की जानकारी दी. स्कूल के निदेशक प्रवीण राजगढ़िया ने कहा कि लोक सेवक सरकार की व्यवस्था की रीढ़ होते हैं. इनके समर्पण से ही सरकार की योजनाएं लाभुकों तक पहुंच पाती है. हमें इनके योगदान का हमेशा सम्मान करना चाहिए. इस अवसर पर बच्चों ने बीडीओ श्री गुप्ता से सिविल सेवा से जुड़े कई सवाल भी पूछा. कार्यक्रम के अंत में निदेशक श्री राजगढ़िया ने बीडीओ को मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया. क्यों मनाया जाता है सिविल सेवा दिवस बीडीओ श्री गुप्ता ने बच्चों को बताया कि भारत के स्वतंत्र होने के बाद देश के सिविल सेवकों के पहले बैच को सरदार वल्लभ भाई पटेल ने संबोधित किया था. देश के सिविल सेवकों को समर्पित प्रेरक भाषण में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने उन्हें भारत का स्टील फ्रेम कहा था. उसी वक्त सरदार वल्लभ भाई पटेल ने घोषणा की कि देश के लिए सिविल सेवकों के योगदान का सम्मान करने के लिए हर साल राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस मनाया जायेगा. तब से 21 अप्रैल को यह दिन हर साल मनाया जाता है.
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