सरहुल आदिवासियों का प्रमुख त्योहारों में एक: फागू बेसरा

सरहुल मध्य-पूर्व भारत के आदिवासी समुदायों का एक प्रमुख पर्व है, जो झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के आदिवासी क्षेत्रों में मनाया जाता है.

By VIKASH NATH | April 4, 2025 10:28 PM

सुगिया में सरहुल महोत्सव का हुआ आयोजन फोटो फ़ाइल संख्या 4 कुजू एफ़: मंचासीन अतिथि, 4 कुजू जी: नृत्य करती शरणार्थी एवं अन्य कुजू. सरहुल मध्य-पूर्व भारत के आदिवासी समुदायों का एक प्रमुख पर्व है, जो झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के आदिवासी क्षेत्रों में मनाया जाता है. उक्त बातें दर्जा प्राप्त मंत्री फागू बेसरा ने कही. श्री बेसरा सुगिया सरहुल समिति द्वारा सरना स्थल में आयोजित सरहुल महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह पर्व आदिवासियों का प्रमुख त्योहारों में से एक है. आदिवासी इसके उपासक भी हैं. इसकी भव्यता और सुंदरता की चमक और आगे बढ़े इस दिशा में काम चल रहा है. समारोह को विशिष्ट अतिथि रामगढ़ विधायक ममता देवी, झामुमो के केंद्रीय सदस्य राजकुमार महतो, सम्मानित अतिथि मुखिया खागेश्वर महतो, झामुमो नेता मोहरलाल महतो, पूर्व मुखिया तुलेश्वर प्रसाद, दिनेश मुंडा, रामेश्वर महतो, सुदेश उरांव आदि ने भी संबोधित किया. इससे पूर्व पुजारी खिरोधर पाहन, सूरज पाहन ने 101 मुर्गे की बलि देने के साथ सखुआ वृक्ष की विधिवत पूजा अर्चना करायी, लेकिन इस महोत्सव में सबसे खास शरणार्थियों की आकर्षक और सुंदर नृत्य था, जो देखने लायक था. पारंपरिक वेशभूषा में सजी धजी महिलाएं मनमोहक नृत्य और ढोल नगाड़े के बीच मंच स्थल तक ले गए. इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने उन्हें बुके व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. समारोह की अध्यक्षता प्रेमचंद मुंडा ने की. जबकि संचालन बीरबल मुंडा व संजय ने किया. मौके पर पुनीत करमाली, राजनाथ महतो, सुखदेव राम मुंडा, पोखलाल मुंडा, अर्जुन मुंडा, शिवा महतो, किरण देवी, सहदेव महतो, बिगू महतो, रवि मुंडा, छोटन महतो, चंदन कुमार, भुनेश्वर महतो, अजय डिसिल्वा, जयकुमार, महेन्द्र यादव समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे.

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