यह आइटीआइ बस स्टैंड है, जो हर साल नगर निगम को 50 लाख रुपये देता है

रांची : पिस्का मोड़ स्थित आइटीआइ बस स्टैंड बंदोबस्ती के एवज में रांची नगर निगम को हर साल 50 लाख रुपये का राजस्व हासिल होता है. इसके बावजूद यहां गंदगी और अव्यवस्था फैली हुई है. यात्रियों की सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है. बारिश के मौसम में तो बस स्टैंड की स्थिति […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 7, 2017 9:19 AM
रांची : पिस्का मोड़ स्थित आइटीआइ बस स्टैंड बंदोबस्ती के एवज में रांची नगर निगम को हर साल 50 लाख रुपये का राजस्व हासिल होता है. इसके बावजूद यहां गंदगी और अव्यवस्था फैली हुई है. यात्रियों की सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है. बारिश के मौसम में तो बस स्टैंड की स्थिति और भी बदतर हो चुकी है.
नगर निगम शहर में दो बस स्टैंड (खादगढ़ा बस स्टैंड और आइटीआइ बस स्टैंड) का संचालन करता है. खादगढ़ा बस स्टैंड काफी व्यवस्थित हालत में है. यहां साफ-सफाई और बसों का संचालन बेहतर ढंग से होता है. वहीं, आइटीआइ बस स्टैंड में हर तरफ गंदगी का अंबार नजर आता है. अगर जरा सी बारिश हो जाये, तो यहां पैदल चलना भी दूभर हो जाता है. कीचड़ से होकर बसों तक पहुंचने वाले यात्री राजधानी की व्यवस्था को कोसते नजर आते हैं.
25 से 30 हजार लोग रोजाना सफर करते हैं यहां से
आइटीआइ बस स्टैंड से पलामू, गढ़वा, पटना, मुजफ्फरपुर, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, लातेहार, चंदवा, चतरा, सहित कई अन्य राज्यों के लिए बसें चलती हैं. एक अनुमान के मुताबिक रोजाना यहां से 25-30 हजार लोग आवागमन करते हैं. आइटीआइ बस स्टैंड कहने भर को ही राजधानी के अंदर है, जबकि यहां के हालात किसी गांव के बस स्टैंड से भी बदतर हैं. कीचड़ की वजह से यात्रियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए ज्यादातर बस ऑनर अपनी बसें सड़क किनारे ही खड़ी करते हैं. बाहर से आनेवाले लोगों के लिए इस स्टैंड में पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में बोतल बंद पानी बेचने वालों की चांदी है.
आइटीआइ बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण की योजना बन कर तैयार है. टेंडर अंतिम प्रक्रिया में है. टेंडर फाइनल होते ही काम शुरू हो जायेगा. फिलहाल, स्टैंड में सफाई अभियान चलाकर इसे दुरुस्त करवाया जायेगा. कीचड़ वाले स्थल पर आज ही डस्ट गिराने का आदेश दिया जायेगा.
संजीव विजयवर्गीय उप महापौर